पानीपत। राज्य सरकार की ओर से फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी जिससे किसान आसानी से मशीनें खरीदकर पराली को खेत में ही सड़ाने की प्रक्रिया अपना सकते हैं। पराली प्रबंधन को अपनाने वाले किसानों को 1200 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। डायरेक्ट सीडिंग ऑफ राइस विधि अपनाने वाले किसानों को 4500 और वैकल्पिक फसलें अपनाने पर आठ हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ जल संरक्षण और मृदा स्वास्थ्य भी बेहतर होगा।
उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि सरकार ने पराली जलाने वालों पर नजर रखने के लिए सेटेलाइट निगरानी शुरू कर दी है। एफएल सिस्टम के माध्यम से खेतों की लोकेशन तुरंत ट्रेस की जा रही है और दोषी पाए जाने पर पांच हजार से 30 हजार रुपये तक का जुर्माना तथा एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। संवाद