चंदौसी। सीएचसी की मेटरनिटी विंग के एनआरसी वार्ड में मौजूदा समय में अतिकुपोषित बच्चों के लिए दस बेड की सुविधा है। ऐसे में ज्यादा अति कुपोषित बच्चे भर्ती होने पर चिकित्सकों के साथ-साथ अभिभावकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए अब सीएचसी परिसर में नए बने 50 शैया अस्पताल में अतिकुपोषित बच्चों के लिए 40 बेड आरक्षित किए गए हैं। जहां ऐसे बच्चों को उपचार मिल रहा है।
जिले के अति कुपोषित व कुपोषित बच्चों के उपचार के लिए चंदौसी सीएचसी की मेटरनिटी विंग की ऊपरी मंजिल पर पुनर्वास केंद्र स्थापित है। पोषण पुनर्वास केंद्र में आंगनबाड़ी वर्करों के माध्यम से अतिकुपोषित बच्चों को भर्ती किया जाता है। हालांकि कुछ अभिभावक भी अपने अतिकुपोषित बच्चों को लेकर एनआरसी पहुंचते हैं। यहां 14 दिनों के लिए अतिकुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती कर पोषण संबंधित आहार दिया जाता है। ताकि बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाई जा सके।
वहीं, यहां तैनात महिला चिकित्सक डॉ. गौरी वाष्र्णेय ने बताया कि मौजूदा समय में 19 अति कुपोषित बच्चे एनआरसी में भर्ती है। बताया कि पहले एनआरसी में दस बेड की सुविधा थी। लेकिन अब नए बने 50 शैय्या अस्पताल में भी ऐसे बच्चों के लिए 40 बेड आरक्षित किए गए है।
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मिलता है भत्ता
अतिकुपोषित बच्चों के साथ उनकी मां को भी 14 दिनों तक पोषण पुनर्वास केंद्र में रखा जाता है। इसके लिए बच्चों की मां को 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से धनराशि भत्ते के रूप में दी जाती है।
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यह मिलती है सुविधा
एनआरसी में 0-5 साल तक के अति कुपोषित बच्चों को भर्ती किया जाता है। बच्चे के साथ रहने वाले परिवार के एक सदस्य को नाश्ते के साथ-साथ दोनों वक्त का खाना मिलता है और साथ ही, बच्चे का पूरा इलाज फ्री रहता है।