पुन्हाना। पिनगवां के वरिष्ठ माध्यमिक कन्या विद्यालय सरकार के बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ के नारे की पोल खोल रहा है। यहां छठवीं से 12वीं तक कुल 834 छात्राएं हैं और उनके बैठने के लिए केवल पांच कमरे हैं जिसके कारण छात्राओं की पढ़ाई ठीक तरीके से नहीं हो रही है।
कमरों की कमी के कारण छात्राओं को सर्दी के मौसम में आसमान के नीचे बैठकर पढ़ना पड़ता है। अधिक सर्दी, गर्मी और बरसात के दिनों में पढ़ाई की बजाए बच्चों को छुट्टी देना पड़ता है। स्कूल के अध्यापक और बच्चे अपनी इस परेशानी को गांव के सरपंच से लेकर डीसी तक शिकायत कर चुके हैं पर कोई समाधान नहीं हुआ। क्षमता से अधिक बच्चों को इन कमरों में बैठना पड़ता है।
पिनगवां स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या विद्यालय वर्ष 1942 से एक प्राइमरी स्कूल से शुरू हुआ था। बच्चों की संख्या देखते हुए सरकार ने इस स्कूल को वर्ष 1978 में मिडिल, 1982 में हाई और 1997 में बारहवीं कक्षा का दर्जा दिया गया था। सरकार ने समय-समय पर स्कूल का दर्जा तो बढ़ा दिया लेकिन एक भी कमरा नहीं बनाया गया। करीब दो साल पहले इस भवन को तोड़ दिया गया था। जिसकी वजह से छात्राएं पास के ही प्राइमरी स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। प्राइमरी स्कूल प्रबंधक ने अपने कमरों में से पांच कमरे वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की 6 से 12 तक की कक्षाओं को पढ़ने के लिए दे दिया। पिछले दो साल से वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल का अपना भवन बनना तो दूर शुरू भी नहीं हो सका है जिसकी वजह से छात्राओं को भारी परेशानी हो रही है।
स्कूल के प्रधानाचार्य डाक्टर आनंद कुमार ने बताया कि उनके पास 6 से 12 तक कुल 834 छात्राएं हैं। जिनमें 6 से 8 तक 250 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। वहीं 9वीं से 12वीं तक करीब 600 छात्राएं हैं। उन्होंने 9वीं कक्षा में चार, दसवीं में 5, 11वीं में 3 और 12वीं में दो सेक्सन सहित कुल 14 सेक्शन बना रखे हैं लेकिन कमरों की कमी के चलते सभी सेक्शनों की छात्राओं को एक साथ बैठाकर पढ़ाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि कमरों की कमी से उनको भारी परेशानी हो रही है। उसने हाल ही में स्कूल का चार्ज संभाला है लेकिन अब से पहले के इंचार्जों ने भवन बनाने के लिए कई बार अधिकारियों से पत्राचार किया है।
क्या कहते हैं बीईओ
पुन्हाना के खंड शिक्षा अधिकारी सद्दीक अहमद का कहना है कि उन्होंने कई बार पंचायत और एसएमसी से प्रस्ताव कराकर उच्च अधिकारियों को भेजे है और कई बार वह खुद में अधिकारियों से मिले हैं। हर बार भवन का निर्माण जल्द शुरू करने का आश्वासन मिला है।
क्या कहते हैं एसडीओ
शिक्षा विभाग में कंस्ट्रक्शन कार्य देखने वाले एसडीओ सैयद अकरम का कहना है कि हाल ही में स्कूल भवन के निर्माण के लिए करीब सवा दो करोड़ रुपये की राशी मंजूर हुई है। स्कूल का नक्शा बनाने के लिए भेजा हुआ है। करीब एक महीने के अंदर भवन के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।