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सावन का अंतिम सोमवार आज, रक्षाबंधन और बकरीद का इंतजार
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त्योहारों के रंग में रंगेगा सप्ताह, बाजारों में दिखने लगी रौनक
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। आज सावन अंतिम सोमवार है, जिसकी रौनक शहर के मंदिरों में आसानी से देखी जा सकती है। मंदिरों में विशेष पूजा की तैयारी भी की गई है। सजावट के साथ साथ भोले नाथ के जलाभिषेक के पूरे इंतजाम किए गए हैं। रविवार को रक्षाबंधन मनाने के बाद सावन खत्म हो जाएगा। हालांकि इससे पहले कई त्योहारों की रौनक देखने को मिलेगी। इसमें रक्षाबंधन और बकरीद प्रमुख हैं। हिंदू धर्म में सावन भगवान शंकर का महीना माना जाता है। पूरे महीने भोले के भक्त उन्हें खुश करने के लिए जलाभिषेक के साथ साथ व्रत और भंडारा करते हैं। वहीं, हरियाली तीज, नागपंचमी, रक्षाबंधन आदि त्योहार भी इसी माह में आते हैं। हरियाली तीज और नागपंचमी बीत चुके हैं। रक्षाबंधन इस रविवार यानी 26 अगस्त को मनाया जाएगा।

भाई बहन के प्यार का त्योहार रक्षाबंधन
पंडित प्रकाश जोशी के अनुसार, रक्षाबंधन भाई और बहन के रिश्ते को मजबूत बनाता है। यह रिश्तों का पर्व है , खुशियों का पर्व है। रक्षाबंधन की तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं। लोगों ने राखी, मिठाईयों की खरीददारी भी शुरू कर दी है। लोग कपड़ों एवं जेवरात भी खरीदते नजर आ रहे हैं। वहीं, 22 अगस्त को बकरीद भी मनाई जानी है।
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भाईचारे का पर्व है बकरीद
मौलाना फज्जर्लुरहमान के अनुसार, बकरीद का जश्न तीन दिन चलता है। यह 22 से 24 को मनेगी। इस दौरान बकरे की कुर्बानी दी जाती है। साथ ही पकवान भी बनाए जाते हैं। इस मौके पर नमाज अता कर लोगों की सलामती की दुआ भी मांगते हैं। यह पर्व कुर्बानी का संदेश लेकर आता है। साथ ही यह आपसी भाईचारे का पर्व भी है।
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छाएगा मिठाइयों का स्वाद
रक्षाबंधन एवं बकरीद दोनों खुशियों के पर्व हैं। इस दिन घरों में बनने वाले व्यंजनों का भी खासा महत्व है। सेवई और मिठाइयां बनाई जाती है। दोनों त्योहार लोगों के जीवन में मिठास घोलने का जरिया है। इस मौके पर मिठाईयों का महत्व खासा बढ़ जाता है।
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