40 हमलावर, 31 पर केस और आठ दिन में मात्र 11 गिरफ्तार
- जीबीयू में एमबीबीएस छात्रों पर हमले के आरोपियों की नहीं हुई पहचान
- थाना प्रभारी बोलीं, जांच अधिकारी के अवकाश पर जाने के कारण अटकी है जांच
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध विवि परिसर में पांच जून की रात वीडियो बनाने को लेकर हुए विवाद के बाद जिम्स के एमबीबीएस छात्रों पर हमला हुआ। जिम्स के सुरक्षाकर्मियों व अन्य के हमले में 22 छात्र घायल हुए। इसके अलावा आरोपियों ने उनके वाहन, कमरों में घुसकर जमकर तोड़फोड़ कर एक करोड़ की क्षति पहुंचाई। पुलिस ने मामले में 11 सुरक्षाकर्मियों को घटना के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया। लेकिन इसके बाद से इस मामले में न तो अन्य आरोपियों की पहचान की गई है और न ही गिरफ्तारी। थाना प्रभारी सरिता मलिक के मुताबिक इस मामले के जांच अधिकारी एसएसआई सुनील कुमार अवकाश पर हैं, इसके चलते अन्य आरोपियों की पहचान नहीं की जा सकी है।
जीबीयू परिसर स्थित मुंशी प्रेमचंद छात्रावास में जिम्स के 200 से अधिक एमबीबीएस छात्र रहते हैं। पांच जून की रात लगभग दस बजे तीन छात्र छात्रावास के बाहर बैठे थे। तभी सुरक्षाकर्मी वहां पहुंचे और छात्रों को टोकते हुए वीडियो बनाने लगे। छात्रों ने वीडियो बनाने का विरोध किया। जिस पर सुरक्षाकर्मी भड़क गए। इस दौरान दोनों पक्षों में विवाद हुआ। आरोप है कि छात्रों ने सुरक्षा अधिकारी से मारपीट की और वीडियो डिलीट करने के लिए उनके मोबाइल छीन लिए। इस घटना के बाद सुरक्षाकर्मी एकत्रित हुए और उन्होंने जीबीयू परिसर में रहने वाले एमबीबीएस छात्रों पर हमला बोल दिया और तोड़फोड़ की। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से पुलिस ने 100 लोगों पर केस दर्ज करने की जानकारी दी। जिम्स वार्डेन ने इस मामले में सुरक्षा अधिकारी वसंत कुमार को नामजद कर 30 अज्ञात पर पर केस दर्ज कराया था। जबकि छात्रों कुछ और आरोपियों के शामिल होने की बात कही थी। पुलिस ने 11 सुरक्षाकर्मियों को गिरफ्तार किया। चार छात्रों पर शांति भंग की कार्रवाई की बात कही। लेकिन इस कार्रवाई के बाद मामले की जांच ठंडी पड़ी है। जीबीयू के सुरक्षा अधिकारी द्वारा दर्ज कराये गए केस में भी जांच अटकी हुई है। थाना प्रभारी सरिता मलिक ने बताया कि एक दो दिन मेें जांच अधिकारी अवकाश से लौंटेंगे। इसके बाद इस मामले में आरोपियो की पहचान व गिरफ्तारी की जाएगी।