ग्रेटर नोएडा। खेड़ी गांव निवासी अधिवक्ता और चिकित्सक के बेटों को एमबीबीएस में दाखिले के नाम 40 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। मुख्यारोपी मुंबई निवासी खुद को रॉ का अधिकारी बताता था और आरोपी ने कर्नाटक के राज्यपाल व मुख्यमंत्री का अनुमोदित पत्र दिखाकर पीड़ितों को झांसे में लिया था। वहीं, आरोपी ने भरोसा जीतने के लिए कथित रिश्तेदार मुंबई के एक चर्च के फादर व परिवार के सदस्यों से भी पीड़ित पक्ष की बात कराई थी। मामले में पुलिस ने फादर समेत पांच लोगों पर जांच के बाद धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है।
पुलिस के अुनसार, गांव खेड़ी निवासी अधिवक्ता धनेश चंद्र शर्मा और पशु चिकित्सक प्रमोद कुमार ने सोमवार को सूूरजपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। धनेश ने बताया कि वर्ष 2019 में उनके और मित्र प्रमोद कुमार के दो बच्चों ने नीट पास की थी, लेकिन रैंक थोड़ी कम होने से उन्हें सरकारी कॉलेज में सीट नहीं मिल पाई थी। वह मैनेजमेंट कोटे में सीट तलाश रहे थे। नवी मुंबई निवासी रविंद्र नाडर से उनकी पहचान दस साल पहले बंगलूरू जाने के दौरान फ्लाइट में हुई थी। वह अक्सर कॉल और मेसेज कर उनसे बात करता था और खुद को रॉ का अधिकारी बताता था।
दोनों बच्चों के नीट करने की जानकारी देने पर उसने बताया कि उसने बेटी को भी वीआईपी कोटे से एमबीबीएस में प्रवेश दिलाया है। अधिवक्ता के इनकार करने के बावजूद वह लगातार संपर्क करता रहा और उसने अपनी बेटी, पत्नी आदि से भी बात कराकर भरोसा दिलाया। शुरू में आरोपी ने केवल दो लाख रुपये लिए और फिर कर्नाटक के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र लिखवाया। कुछ दिन बाद इस पत्र को आरोपी ने फर्जी ढंग से राज्यपाल व मुख्यमंत्री से अनुमोदित करा दिया। इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग खाते में 40 लाख रुपये ले लिए।
कुछ रुपये एक अन्य के खाते में लिए गए। ठगी की आशंका होने पर लगभग दो लाख रुपये धनेश को लौटा दिए। आरोपी केस दर्ज कराने की चेतावनी पर लगातार रुपये लौटाने की बात करते रहे, लेकिन अब तक रुपये वापस नहीं किए। इसके बाद अधिवक्ता व चिकित्सक ने मामले की शिकायत डीसीपी सेंट्रल जोन से की। अब जांच के बाद नवी मुंबई निवासी रविंद्र नाडर, चर्च के फादर लिओनेल हेक्टर, शरोन रोज, कैैरोलिन कैनेडी और विक्टर नाडर पर केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।