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यमुना एक्सप्रेसवे पर खुलेंगे 4 थाने, बढ़ेगी एंबुलेंस की संख्या

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ग्रेटर नोएडा। सड़क हादसों को रोकने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे पर चार नए थाने खोेले जाएंगे। यमुना प्राधिकरण (यीडा) के अधिकारियों ने शासन के पास इसका प्रस्ताव भेजा है। शासन से प्रस्ताव को अतिशीघ्र अनुमोदित कराने का निवेदन किया गया है। जिससे जल्द से जल्द एक्सप्रेसवे पर थानों को शुरू कराया जा सके । वहीं, ट्रामा सेंटर की प्रक्रिया को भी बढ़ाने के लिए जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा एक्सप्रेसवे पर गलत लेन में चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी।
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यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे पर पिछले सप्ताह सड़क हादसे में कार सवार 7 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे से सबक लेते हुए यीडा ने शासन के समक्ष प्रस्ताव भेजा है। चार नए थानों खुलने से एक्सप्रेसवे के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी साथ ही हादसों को रोकने में मदद मिलेगी। यह चारों थाने गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, मथुरा और आगरा में क्षेत्र में खुलेंगे। उन्होंने बताया एक्सप्रेसवे पर अभी तीन एंबुलेंस जेपी कंपनी और तीन एंबुलेंस यीडा की ओर से चलाई जा रही हैं। अब एंबुलेंस की संख्या बढ़ाकर 12 की जा रही है। इन एंबुलेंस को खरीदने की तैयारी इसी सप्ताह से शुरू हो जाएगी। इसके अलावा निजी कंपनियों से सीएसआर के माध्यम से भी और एंबुलेंस बढ़ाई जाएंगी। प्राधिकरण हर थाना क्षेत्र में 5 एंबुलेंस रखने की योजना पर काम कर रहा है। इससे घायल लोगों को समय से त्वरित इलाज मिल सकेगा। सीईओ ने बताया कि पेट्रोलिंग के लिए अभी 14 पीसीआर है लेकिन इनको 28 करने का निर्णय लिया जा चुका है।
वहीं एक्सप्रेसवे पर होने वाले हादसों में घायलों को इलाज देने के लिए सेक्टर-18 और 20 में ट्रामा सेंटर बनाया जाएगा। इनमें एक सरकारी और एक निजी ट्रामा सेंटर होगा। सरकारी सेंटर 200 बेड का होगा। जबकि निजी ट्रामा सेंटर की क्षमता 500 बेड की होगी। अधिकारियों ने बताया कि निजी ट्रामा सेंटर को ई-नीलामी से खरीदा जा सकेगा। इसमें किसी तरह की प्राधिकरण की ओर से छूट नहीं दी जाएगी।
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108 करोड़ किया गया था सुरक्षा के लिए खर्च
पिछले साल आईआईटी दिल्ली से एक्सप्रेसवे पर हुए हादसों के कारणों की जांच कराई गई थी। रिपोर्ट में जिन खामियाें का जिक्र किया गया था उन्हें दूर किया गया था। सड़क सुधार पर करीब 108 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।
एक्सप्रेसवे की सुरक्षा के लिए फिर बढ़ाया जाएगा बजट
सीईओ ने बताया कि चार थानों के अलावा स्टाफ और अन्य सुविधाओं के लिए फिर से बजट की व्यवस्था की जाएगी और खामियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। इसमें सड़क किनारे रुकने वाले वाहनों को लेकर भी योजना बनाई जा रही है कि यदि वाहन रुकें नहीं तो हादसों में कमी आएगी। इसके अलावा वाहन चालकों को लेन ड्राइविंग के लिए बोर्ड आदि भी लगाए जाएंगे।
नींद और आलस से होती हैं दुर्घटनाएं
एक्सप्रेसवे पर आए दिन होने वाले हादसों को लेकर आईआईटी के इंजीनियरों का मानना है कि नींद और लंबे समय तक एक ही रफ्तार पर वाहन चलने के कारण आलस आ जाता है। ऐसी स्थिति में नींद आने लगती है। झपकी आते ही हादसा हो जाता है।
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