माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सात वर्ष पुराने मारपीट के एक मामले में जिला न्यायालय ने चार आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। इसी आधार पर अदालत ने ब्रजमोहन, अर्जुन, रामौतार और कृष्ण को बरी कर दिया। मामला वर्ष 2017 का है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उधार दिए गए 2500 रुपये मांगने पर उस पर लाठी-डंडों और फरसे से हमला किया गया था।
पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया और सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान भी दर्ज कराए गए। ट्रायल के दौरान अदालत ने पाया कि प्रस्तुत साक्ष्य और गवाहों के बयान आरोपों की पुष्टि के लिए पर्याप्त नहीं हैं। कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गवाहों के कथनों में स्पष्टता का अभाव रहा।