स्टेडियम, पुलिस लाइन बैरक समेत 38 निर्माण कार्यों की जांच
नोएडा। गाजियाबाद के मुरादनगर में श्मशान घाट हादसे में 24 लोगों की मौत के बाद शासन के निर्देश पर सरकारी तंत्र ने जिले में 50 लाख से अधिक के 38 निर्माण कार्यों की जांच शुरू करा दी है। विभिन्न महकमों के एक्सईएन, एई व जेई की 25 सदस्यीय टीम गठित की गई है। जांच में मलकपुर स्टेडियम, पुलिस लाइन बैरक व रेलवे फुट ओवर ब्रिज शामिल हैं। जल्द ही जांच टीम मुख्य विकास अधिकारी व जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपेगी। जांच आख्या में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई तय है।
मुरादनगर मामले में अधिशासी अधिकारी समेत कई कर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पूरी घटना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों में 50 लाख से अधिक की लागत से निर्माण कार्य वाले भवनों और कार्यों की गुणवत्ता के जांच के आदेश दिए हैं। इसमें सड़कों को शामिल नहीं किया गया है। वरिष्ठ अफसरों ने जिले में पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, जल निगम समेत कई विभागों के एक्सईएन, एई व जेई की टीम बनाई है। 25 सदस्यीय टीम के अफसर अलग-अलग निर्माण कार्यों की जांच में जुट गए हैं। जांच के दायरे में मलकपुर का स्टेडियम, पुलिस लाइन बैरक, दादरी की गोशाला, दादरी के फुटओवर ब्रिज समेत 7 ब्रिज और महत्वपूर्ण भवन व अन्य कार्य हैं। मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने 38 निर्माण कार्यों की जांच कराए जाने की पुष्टि की है।
नहीं मिली जांच आख्या
जिले में 25 जनवरी को सीएम को आना था। पूरा सरकारी तंत्र तैयारियों में जुट गया था, लेकिन खराब मौसम के कारण वह नहीं आ सके। अफसरों ने बताया कि 25 जनवरी के आसपास ही सभी भवनों की जांच आख्या लेनी थी, लेकिन दो से तीन दिन का समय और दिया गया है। जांच आख्या की पड़ताल वरिष्ठ स्तर पर भी की जाएगी। यदि किसी निर्माण कार्य की गुणवत्ता में जरा सी भी चूक मिलती है तो ठेकेदार समेत अन्य अफसर और कर्मचारी भी नपेंगे।
नियमित तौर पर होती रहेंगी जांच
अफसरों ने स्पष्ट किया है कि 38 निर्माण कार्यों की सूची तैयार कर उनकी जांच विशेष रूप से कराई जा रही है। हालांकि, अब बड़े निर्माण कार्यों की सघन जांच नियमित तौर पर होगी। एक बार जांच होने पर अफसर इसे क्रॉस भी करा सकते हैं।