गुलेल से कार के शीशे तोड़ चोरी करने वाले गैंग के 3 बदमाश गिरफ्तार
नोएडा। सेक्टर-39 कोतवाली पुलिस ने कार का शीशा तोड़कर लैपटॉप और अन्य सामान चुराने वाले गुलेल गैंग के तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान संजय उर्फ माइकल, अमित राज और सूरज उर्फ खोपड़ी निवासी दिल्ली के रूप में हुई है। संजय गिरोह का सरगना है। आरोपियों के कब्जे से चार लैपटॉप, विदेशी और भारतीय मुद्रा समेत अन्य सामान बरामद हुआ है।
एडीसीपी रणविजय सिंह और एसीपी अंकिता शर्मा ने बताया कि गिरोह के सरगना ने नोएडा में करीब 30 से 35 वारदात की बात कबूल की है। दिल्ली में कितनी वारदात की हैं, उसे याद नहीं है। आरोपी चोरी के लैपटॉप को 2000 से 4000 रुपये में बेच देते थे। 3 दिन पहले भी गैंग के कुछ बदमाशों की गिरफ्तारी हुई थी। उनकी निशानदेही पर तीन और बदमाशों को सेक्टर-37 के पास से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी स्कूटर से नोएडा आकर गुलेल से पार्किंग में खड़ी कारों के शीशे तोड़कर सामान चुरा लेते थे। सेक्टर-49 और सेक्टर-39 कोतवाली क्षेत्र में इसी तरह की कई वारदात को अंजाम दिया है। उन्होंने बताया कि 26 दिसंबर को सेक्टर-49 में दो कारों के शीशे तोड़कर चार लैपटॉप चुराए थे। इनको पुलिस ने बरामद कर लिया है। मुख्य आरोपी संजय पर 30 मुकदमे हैं। अमित पर 13 और सूरज उर्फ खोपड़ी पर 39 मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी कई बार जेल भी जा चुके हैं। बदमाश पार्किंग में खड़ी कार के शीशे में गुलेल से छर्रा मारकर चटका देते थे। इसके बाद धीरे से हाथ मारकर शीशे गिराकर अंदर रखा सामान निकालकर फरार हो जाते थे। आरोपी स्कूटर सवार साथियों को सामान सौंप देते थे। इसके बाद सामान को रास्ते में खड़े अन्य साथियों को सौंपकर दिल्ली भेज देते थे। एडीसीपी ने बताया कि आरोपी लैपटॉप को चोर बाजार में 1500 से 2000 रुपये व अन्य सामान को लाल किले के पास संडे बाजार में बेच देते थे। इससे मिलने वाले पैसों से सभी मौज-मस्ती करते थे।
एक कार में रखे थे 3 दोस्तों के लैपटॉप
पुलिस ने बताया कि मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाले शुभाशीष, भरत द्विवेदी समेत तीन दोस्तों के लैपटॉप एक ही कार में रखे थे। सभी खरीदारी के लिए बाजार गए थे। तभी बदमाशों ने कार का शीशा तोड़कर तीनों लैपटॉप, पर्स में रखी विदेशी मुद्रा चोरी कर ली थी। बदमाश शुभाशीष की अंगूठी, पेन ड्राइव चोरी कर ले गए थे। स्कूटर की पहचान नहीं हो, इसलिए आरोपी बिना नंबर प्लेट हटाकर नोएडा आते थे और वारदात कर दिल्ली चले जाते थे।