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ग्रेनो वेस्ट में तीन दोस्तों ने नौवीं के छात्र के अपहरण का नाटक कर मांगी 20 लाख की फिरौती

Sat, 11 Jan 2020 01:42 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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गौरव चंदेल की लूट के बाद हत्या की वारदात को सुलझाने में उलझी पुलिस को ग्रेनो वेस्ट में एक नौवीं के छात्र के अपहरण की सूचना मिलने पर सात घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने छात्र को गाजियाबाद से बरामद कर परिजनों को सौंप दिया।

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पुलिस का दावा है कि छात्र और उसके तीन दोस्तों ने परिजनों से रुपये वसूलने के लिए अपहरण का नाटक रचा था। फोन पर छात्र के परिजनों से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। इस बात का खुलासा होने पर परिजनों ने आपस में समझौता कर मामले में कार्रवाई से इंकार कर दिया। इस पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अपहृत छात्र दिल्ली के एक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी की गाड़ी के चालक का बेटा बताया जा रहा है।

पुलिस के मुताबिक, युसूफपुर चकशाहबेरी निवासी चालक का बेटा नौवीं का छात्र है और प्रताप विहार स्थित निजी स्कूल में पढ़ता है। बृहस्पतिवार शाम छात्र घर से ट्यूशन जाने के लिए निकला था। शाम करीब 7:20 बजे छात्र के मोबाइल से उसके पिता के नंबर पर कॉल की गई। कॉल करने वाले ने छात्र के पिता से कहा कि उनके बेटे का अपहरण कर लिया गया है।
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यदि वह रुपयों का बंदोबस्त नहीं करते तो छात्र जिंदा नहीं बचेगा। इस पर पिता ने बेटे से बात कराने के लिए कहा। कुछ देर बाद फिर से कॉल कर छात्र से पिता की बात कराई गई और रुपयों का बंदोबस्त करने की बात कहकर मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया गया। चालक ने सेवानिवृत आईपीएस अधिकारी को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद बिसरख कोतवाली पुलिस छात्र की तलाश में जुट गई।

छात्र के मोबाइल की लोकेशन रोजा जलालपुर गांव के पास मिली। इस दौरान बेटे के एक दोस्त पर शक होने पर परिजनों ने पुलिस को इस बात की जानकारी दी। पुलिस ने छात्र के दोस्त से पूछताछ की तो उसने कुछ ही देर में पूरे मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार छात्र को गाजियाबाद में एक अन्य दोस्त के घर छोड़ दिया गया था। पुलिस ने वहां से छात्र को बरामद कर परिजनों के हवाले कर दिया।

परिजनों को इसलिए हुआ दोस्त पर शक
पुलिस के मुताबिक, अपहरण की साजिश में शामिल छात्र का एक साथी उसे गाजियाबाद छोड़कर वापस लौट आया था। इसके बाद वह छात्र के परिजनों के पास दो बार पहुंचा और दोनों बार उसने कहा कि इसकी शिकायत पुलिस से नहीं करना अन्यथा बदमाश छात्र को मार देंगे। इस पर छात्र के परिजनों को उस पर शक हुआ और उन्होंने पुलिस को इस बात की जानकारी दी। पूछताछ के बाद पुलिस ने रोजा जलालपुर के पास जमीन में दबाया गया छात्र का मोबाइल भी बरामद कर लिया।

छात्र और उसके तीन दोस्तों ने रुपये वसूलने के लिए अपहरण का नाटक किया था। सभी नाबालिग हैं। उनके भविष्य को देखते हुए परिजनों ने आपस में समझौता कर लिया और तहरीर नहीं दी। इसलिए मामले में एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है।
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राजीव कुमार सिंह, सीओ बिसरख

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