खेड़ीपुल थाना क्षेत्र के वजीरपुर गांव में सोमवार रात एक ही परिवार के तीन लोगों (पति-पत्नी व बेटी) की दम घुटने से मौत हो गई। ठंड से बचने के लिए दंपती ने चारपाई के नीचे अलाव जला लिया था। ठंडी हवा से बचने के लिए कमरे में बने एकमात्र रोशनदान को भी गत्ता लगाकर बंद कर दिया गया था।
ऐसे में अलाव से निकले धुएं ने तीनों की जान ले ली। तसले में जलाए गए अलाव से चारपाई भी जल गई। इससे तीनों शव भी मामूली रूप से झुलस गए। इस ह्दय विदारक हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
सोमवार रात घने कोहरे व ठंड की वजह से वजीरपुर गांव में रहने वाले गजेंद्र, उनकी पत्नी पायल व आठ साल की बेटी दीपांशु उर्फ किट्टू रात को खाने के बाद पहली मंजिल पर बने अपने कमरे में सोने चले गए। सर्दी से बचने के लिए गजेंद्र ने तसले में कुछ लकड़ियां जला लीं। इसके बाद तसले को वह चारपाई के नीचे रखकर सो गए। कमरे में वायु संचार न होने के कारण धुआं भर गया और उनका दम घुट गया।
भाई ने रोशनदान से हाथ डालकर खोला दरवाजा
मंगलवार सुबह गजेंद्र का बड़ा भाई राजेंद्र चारा लाने चला गया। करीब आठ बजे लौट कर आया तो भूतल पर गजेंद्र का कमरा बंद था। यह देख वह भैंस का दूध निकालने चला गया। यहां से करीब नौ बजे फिर लौटा तो भी गजेंद्र का कमरा बंद मिला। शक होने पर दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई आवाज नहीं आई। परिजनों और पड़ोसियों की मदद से राजेंद्र ने रोशनदान में लगा गत्ता हटाने के बाद उसमें हाथ डालकर दरवाजे की चटखनी खोली।
चारपाई भी जली मिली
अंदर का दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की चीख निकल गई। गजेंद्र, पायल व दीपांशु मृत अवस्था में पड़े थे। उनकी चारपाई जली हुई थी। शव भी मामूली रूप से झुलसे हुए थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हालांकि, परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। इस कारण पुलिस से उनकी नोंकझोंक भी हुई। बाद में परिजन शवों का पोस्टमार्टम कराने को तैयार हुए।