घायलों को नलहड मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, ग्रामीणों में दहशत, हाथों में डंडा लेकर घर से बाहर निकल रहे ग्रामीण
गुरुदत्त भारद्वाज
पुन्हाना। उपमंडल के गांव नई में लावारिस कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। शनिवार को एक ही दिन में लावारिस कुत्तों ने 28 बच्चों को काट लिया, जबकि दो महिलाएं भी कुत्तों के हमले में घायल हो गईं। गांव में दहशत का माहौल है। अधिकतर घायल बच्चों और दोनों महिलाओं को नल्हड़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, जैसे ही बच्चे घरों से बाहर निकले या रास्ते में दिखाई दिए कुत्तों ने हमला कर दिया। ्रएक के बाद एक कई बच्चों को कुत्तों ने काट लिया। शोर सुनकर ग्रामीण बाहर निकले और किसी तरह बच्चों को बचाया। हमलों में घायल बच्चों के हाथ, पैर, चेहरे, सिर और पीठ पर गहरे घाव आए हैं।
खेतों से चारा लेकर घर आ रही दो महिलाओं पर अचानक कुत्तों ने झपट्टा मार दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें भी नल्हड़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, कई घायलों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन सहित अन्य जरूरी इलाज दिया जा रहा है। लगातार हो रहे हमलों के बाद गांव में भय का माहौल है। हालात यह हैं कि ग्रामीण अब हाथों में डंडे और लाठियां लेकर ही घर से बाहर निकल रहे हैं। बच्चे घरों में कैद होकर रह गए हैं और अभिभावक उन्हें अकेले बाहर भेजने से डर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सैकड़ों की संख्या में लावारिस कुत्ते घूम रहे हैं, जिन पर किसी का कोई नियंत्रण नहीं है।
ग्रामीण जफरूदीन व इरफान एडवोकेट ने बताया कि शनिवार को देर शाम तक गांव के ही चार वर्षीय अदनान, शहरान, इनाया, अमायरा, मुस्तकीम, मायरा, काफिया, असद सहित तकरीबन 28 बच्चों को कुत्तों ने काटा।
ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पहले भी लावारिस कुत्तों की समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। एक ही दिन में इतने बड़े स्तर पर हमले होने के बावजूद प्रशासन की ओर से न तो कोई विशेष टीम गांव में पहुंची और न ही कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू की गई।
ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव नई और आसपास के इलाकों में तुरंत विशेष अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को पकड़ा जाए और उनकी नसबंदी व टीकाकरण की व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं और किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।
वर्जन गांव नई में लावारिस कुत्तों के हमले का मामला संज्ञान में है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पंचायत विभाग के अधिकारियों को गांव में मुनादी कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ग्रामीणों को सतर्क किया जा सके। उन्होंने बताया कि बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी गई है और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने को कहा गया है। एसडीएम ने कहा कि संबंधित विभागों से समन्वय कर आवारा कुत्तों को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
एसडीएम कुंवर विक्रम आदित्य।
फोटो: - कुत्ते के हमले में घायल बच्चे व हाथो में डंडा लेकर गांव के कुत्तों को भगाते ग्रामीण।
कुत्तों के डर से हाथों में लाठी लेकर बैठे ग्रामीण।