उपराज्यपाल का निर्देश, सभी पर हथौड़ा चलाने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में पहली बार मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल 25 संपत्तियों को सील किया गया है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर सभी संपत्तियों को जल्द ध्वस्त किया जा सकता है। अधिकारियों इस कार्रवाई से मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों पर सख्त संदेश जाएगा। साथ ही, कड़ी कार्रवाई से ड्रग माफिया को इस तरह के कृत्यों में शामिल होने से रोका जा सकेगा।
उपराज्यपाल ने 27 अप्रैल को संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया था कि वे तस्करी में इस्तेमाल की जा रहीं संपत्तियों/इमारतों को सील करें। साथ ही, ऐसी संपत्तियों को गिराने की कार्रवाई शुरू करें। इसके तहत पूरी दिल्ली में 25 संपत्तियों की पहचान की गई। इनका इस्तेमाल संपत्ति के मालिकों या अन्य कब्जाधारियों के माध्यम से किया जा रहा था। दिल्ली पुलिस की सिफारिश पर एमसीडी ने इन सभी संपत्तियों को सील कर दिया। एमसीडी ने सील करने के बाद पाया कि कुल संपत्तियों में से 24 आवासीय संपत्तियां हैं।
शाहदरा में सबसे ज्यादा संपत्तियां
25 में से 7 संपत्तियों को शाहदरा (उत्तर) जोन में और 4 संपत्तियों को सेंट्रल और नरेला जोन में सील किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि एलजी ने नेशनल नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन (एनसीओआरडी ) की राज्यस्तरीय समिति की 5वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिल्ली पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों को नशीली दवाओं के खतरे पर अंकुश लगाने का निर्देश दिया था। संपत्तियों को सील करने/ध्वस्त करने के अलावा, एलजी ने परिवहन विभाग, जीएनसीटीडी को मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल वाहनों के परमिट को रद्द करने के लिए आवश्यक प्रावधान करने का भी निर्देश दिया है।
दिल्ली को बनाया जाएगा मादक पदार्थ मुक्त
उपराज्यपाल के निर्देश पर दिल्ली को मादक पदार्थ मुक्त बनाया जाएगा। उपराज्यपाल का कहना है कि नशीले पदार्थों की तस्करी न केवल आपराधिक कृत्य है, बल्कि देश को कमजोर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मॉडल है। उन्होंने कानून लागू करने वाली एजेंसियों से इस खतरे से लड़ने के लिए मिशन मोड में काम करने को कहा है। उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली पुलिस को राजधानी में मादक पदार्थों की तस्करी के सभी मौजूदा और नए हॉटस्पॉट की पहचान करने को कहा गया है। इनको खत्म करने के लिए विस्तृत योजना के साथ एक सूची प्रस्तुत करने को भी कहा गया है।