- एडीएम भू-अध्याप्ति और डीएम को भेजा गया पत्र, गुनपुरा के एक मामले में सामने आया काला सच
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। यमुना सिटी में जमीन अधिग्रहण के मुआवजे में दोहरे भुगतान का मामला सामने आया है। गुनपुरा गांव के इस प्रकरण की शुरुआती जांच में करीब 25 अन्य संदिग्ध मामले भी सामने आए हैं। इसके बाद यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई के लिए एडीएम भू-अध्याप्ति अरुण कुमार सिंह को पत्र भेजा है।
बुधवार को सीईओ के सामने गुनपुरा का मामला आया। बताया गया कि गांव निवासी जमीन के पूर्व स्वामी विनोद और वासुदेव को गलती से 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया था। दोनों ने यह धनराशि चेक के माध्यम से वर्तमान भू-स्वामी के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी थी। इसकी मौखिक सूचना भी एडीएम भू-अध्याप्ति कार्यालय को दी गई थी। इसके बावजूद आरोप है कि कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से दोबारा मुआवजा लेने का प्रयास किया गया। इस प्रकरण के कारण प्राधिकरण अपने आवंटी को भूखंड पर कब्जा भी नहीं दे पा रहा है।
सीईओ के अनुसार, एडीएम भू-अध्याप्ति कार्यालय की ओर से मुआवजा भुगतान के लिए करीब 14 लाख रुपये के बजट की मांग की गई थी। दस्तावेजों की जांच में पता चला कि मुआवजे का भुगतान पहले ही किया जा चुका है। ऐसे में दोबारा भुगतान करने के बजाय पहले दी गई धनराशि की वसूली की जानी चाहिए थी। उन्होंने मामले में जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई करने और इस तरह के अन्य प्रकरणों का भी पता लगाने के निर्देश दिए हैं।
जांच हुई तो करोड़ों तक पहुंच सकता है घपला : जानकारों का मानना है कि दोहरे मुआवजे के मामलों की गहन जांच होने पर गड़बड़ी की रकम करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है। ऐसे मामलों में आधा दर्जन से अधिक कर्मचारियों की भूमिका की जांच भी हो सकती है। जिम्मेदारी तय होने पर संबंधित कर्मचारियों से धनराशि की वसूली की मांग उठ रही है।
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गुनपुरा मामले में पहले ही आरसी जारी की जा चुकी है। पूर्व में मुआवजा लेने वाले व्यक्ति से भू-स्वामी के खाते में धनराशि स्थानांतरित करने के साक्ष्य मांगे गए हैं। फिलहाल भुगतान पर रोक है। ऐसे अन्य मामलों में भी भुगतान रोक दिया गया है। जांच के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। मामला गंभीर है। -अरुण कुमार सिंह, एडीएम भू-अध्याप्ति