नोएडा। 25 करोड़ रुपये की चोरी में मास्टर माइंड गोपाल ने अपने ही रिश्तेदारों की बदमाश कंपनी बनाकर वारदात की थी। उसके गिरोह में 10 से अधिक लोग शामिल थे। जिनमें सभी उसके रिश्तेदार या परिचित थे। इनमें से किसी भी आरोपी के खिलाफ किसी थाने में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं है।
गाजियाबाद में लोनी के गांव कोतवालपुर निवासी गोपाल कसाना को जब पता चला कि ग्रेटर नोएडा की सिल्वर सिटी सोसाइटी में करोड़ों रुपये का माल है तो उसने ऐसे युवकों को चुना जो उसके दोस्त या रिश्तेदार थे। उसने भूड़ा और सिलारपुर के युवकों से संपर्क साधा था और एक युवक के आफिस पर इसकी साजिश रची थी। इस काम के लिए नए युवा तलाश किए गए थे। रिश्तेदारी के युवाओं को इसलिए चुना गया था कि जो भी पैसे आएंगे अपने लोगों के पास रहेंगे। साथ ही यदि चोरी की सुरागकसी होती है तो कोई भी साथी रिश्तेदार होने के कारण इस घटना को किसी को बताएगा नहीं। साल-2020 सितंबर में चोरी के बाद सभी ने अपना हिस्सा लेकर सामान्य दिनों की तरह जीवन व्यतीत करना शुरू कर दिया था।
अचानक हुई तरक्की से हैरान थे ग्रामीण
भूड़ा गांव निवासी चारों आरोपी ठीक-ठाक परिवार से ताल्लुक रखते हैं। लेकिन हाल ही में इन युवाओं की लाइफ स्टाइल में अचानक बदलाव आया था। जिसे देखकर गांव और आसपड़ोस के लोग हैरान थे। कुछ दिन पहले तक बेरोजगार रहे युवा अचानक अपने परिजनों को गिफ्ट देने लगे थे। साथ ही काफी पैसे खर्च करने लगे थे।