- पैरामाउंट इमोशंस सोसाइटी की 19 टावरों में बने हैं 1716 फ्लैट
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित पैरामाउंट इमोशंस सोसाइटी के निवासियों की रजिस्ट्री का रास्ता खुल गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर बकाया होने के कारण अब तक रजिस्ट्री नहीं हो पा रही थी। बिल्डर प्रबंधन की ओर से प्राधिकरण का 25.63 करोड़ रुपये का बकाया जमा कर दिया गया है। बकाया जमा हो जाने के बाद प्रोजेक्ट से जुड़ी प्रशासनिक अड़चनें दूर हो गई हैं।
निवसियों ने बताया कि कई वर्षों से मालिकाना हक पाने की राह देख रहे थे। बिल्डर प्रबंधन की ओर से बकाया जमा नहीं होने के कारण कई लोगों की रजिस्ट्री रुकी हुई थी। अब बचे खरीदरों को भी उनका हक मिलने जा रहा है। निवासियों ने बताया कि रजिस्ट्री होने की जानकारी मिलने पर उन्हें बेहद खुशी हुई है। जीवन भर की पूंजी घर खरीदने में लगाने के बाद भी मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा था।
बिल्डर प्रबंधन का कहना है कि करीब 11.278 एकड़ में फैले आवासीय प्रोजेक्ट में कुल 19 टावर और 1716 रेजिडेंशियल यूनिट हैं। परियोजना को 12 फरवरी 2018 को कम्प्लीशन सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ था। प्रबंधकों के मुताबिक अमिताभ कांत कमेटी की सिफारिशों के तहत परियोजना से जुड़े सभी पेड और अनपेड ड्यूज का निपटान कर दिया है। वर्तमान में प्रोजेक्ट पर किसी भी प्रकार का वित्तीय बकाया शेष नहीं बताया जा रहा है।
लंबे समय से चल रहा था विवाद
पैरामाउंट ग्रुप और प्राधिकरण के बीच बकाया राशि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पैरामाउंट ने प्राधिकरण के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर किया। अदालत ने कंपनी के पक्ष में स्टे ऑर्डर जारी कर दिया। इस आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया कि प्राधिकरण कंपनी के विरुद्ध कोई जबरन कदम नहीं उठा सकती। स्टे ऑर्डर के बावजूद कंपनी ने प्राधिकरण का पूरा बकाया अंडर प्रोटेस्ट जमा कर दिया ताकि खरीदारों की रजिस्ट्री प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।