पुन्हाना। जिले के लोगों को पुराने जर्जर तारों से जल्द निजात मिलने वाली है। मेवात के बिजली निगम ने म्हारा गांव, जगमग गांव योजना के तहत जिले के 39 फीडरों के तहत आने वाले 284 गांवों की बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए 23 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। जल्द ही इसके लिए टेंडर दिए जाएंगे।
जिले के 443 गांवों पर एक 220 केवीए का पावर हाउस रंगाला राजपुर में चल रहा है। इसके अलावा जिले में 66 केवीए के तीन, 33 केवीए के कुल 10 पावर हाउस हैं। सभी गांवों को पर्याप्त बिजली मिल सके इसलिए इनको 43 फीडरों में बांटा गया है। जिले में 1970 से 80 के दशक में बिजली की सुविधा देने की शुरुआत की गई थी। पिछले 40-50 सालों से अभी तक बिजली के तारों को बदला नहीं गया है जिसकी वजह से ये पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। जो अक्सर टूट कर गिर जाते हैं। इन जर्जर तारों की वजह से इलाके में कई बडे़ हादसे भी हो चुके हैं।
बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता केएस चौहान ने बताया कि जगमग योजना के तहत जिले के 39 फीडरों पर पड़ने वाले 284 गांवों में अधिक से अधिक बिजली पहुंचाने के उद्देश्य से निगम ने 23 करोड़ की योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत इन सभी 284 गांवों में बिजली के पुराने तार, लोहे के खम्भे बदले जाएंगे। वहीं जरूरत के हिसाब से कई और जगहों पर बिजली के खम्भे लगाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि पुराने बिजली के तारों को हटाकर बिजली की नई केबल लगाई जाएगी। लोगों को पर्याप्त बिजली मिल सके इस योजना का यही मकसद है। जिले में कुल 443 गांव हैं, तावडू खंड जो नूंह का हिस्सा है लेकिन बिजली निगम ने उसे सोहना मंडल से जोड़ रखा है। इसलिए नूंह जिले में केवल 303 गांव ही बिजली निगम के तहत आते हैं। उन्होंने कहा कि जो फीडर और गांव बच गए हैं उन गावों को निगम की अन्य योजना के तहत जोड़ा गया है। उन्होंने बताया योजना की राशि मिल चुकी है। जल्द ही इसके टेंडर खोल दिए जाएंगे और कार्य को शुरू कर दिया जाएगा।