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फसलों के ऑनलाइन पंजीकरण में अधिकारियों की कमी आ रही आड़े

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फसलों के ऑनलाइन पंजीकरण में अधिकारियों की कमी आ रही आड़े
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ऑनलाइन करने के लिए ग्राम सचिवों को दी गई जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
पुन्हाना। किसानों को उनकी फसल का सीधा लाभ दिलाने के उद्देश्य से सरकार ने किसानों के लिए फसलों का ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। इस बार सरकार उन्हीं किसानों की गेहूं और सरसों की फसलों को खरीदेगी जो समय रहते अपनी फसल को ऑनलाइन करा सकेंगे। लेकिन सरकार की ऑनलाइन योजना से जिले के अधिकतर किसान अभी तक अनभिज्ञ हैं। दूसरी सबसे जरूरी बात यह है कि जिले में कृषि विभाग सहित अन्य विभागों में अधिकारी की पहले से ही कमी है। ऐसे में सरकार की ऑनलाइन योजना कैसे सिरे चढ़ सकेगी इसपर संशय ही है। हालांकि कृषि एवं पंचायत मंत्री ओम प्रकाश धनकड़ ने फसलों के ऑनलाइन पंजीकरण को कामयाब बनाने के लिए कृषि विभाग के साथ-साथ ग्राम सचिवों को भी जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं दूसरी ओर ग्राम सचिव के लिए भी यह मुश्किल भरा काम है क्योंकि जमीन का रिकॉर्ड पटवारी के पास ही होता है।
जानकारी के अनुसार नूंह जिला में इसबार करीब 73 हजार 500 हेक्टेयर गेहूं और करीब 27 हजार हेक्टेयर सरसों की बिजाई की गई है। इस बार सरकार ने आदेश दिए हैं कि जो किसान अपनी फसल के ब्यौरे को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कराएगा उसकी ही फसल सरकारी रेट पर खरीदी जाएगी। जब अज्ञानता के चलते किसानों द्वारा अपनी फसल को बहुत की कम मात्रा में ऑनलाइन किया गया तो कृषि मंत्री ने अधिकारियों की जिम्मेदारी सौंपी थी कि वे घर-घर जाकर लोगों को इस बारे में जागरूक करें। कृ षि विभाग में कर्मचारियों की कमी के कारण पहली बार पंचायत विभाग के ग्राम सचिवों की भी जिम्मेदारी लगाई गई है। भले ही सरकार ने ग्राम सचिवों की ऑनलाइन फार्म भरने की जिम्मेदारी लगाई है लेकिन अधिकतर ग्राम सचिव इससे संतुष्ट नहीं हैं। वे इसे एक बेगार समझते हैं। कुछ ग्राम सचिवों का कहना है कि जमीन की रिकॉर्ड पटवारी के पास होता है, उसे ही पता होता है कि किस किसान के पास कितनी जमीन है और उसने कौन सी फसल बोई है। ग्राम सचिवों के पास कोई रिकॉर्ड नहीं होता है। ऐेसे में उन्हें भी पटवारियों का ही सहारा लेना पड़ रहा है।
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इस बारे में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राकेश मोर का कहना है कि जिले में 114 ग्राम सचिवों के पद स्वीकृत हैं जिनमें से 74 पद काफी समय से खाली हैं। वहीं जिला राजस्व अधिकारी बस्तीराम ने बताया कि जिले में 93 पटवारियों के पद स्वीकृत हैं जिनमें से 23 पद खाली हैं।
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नूंह जिले में कृषि विभाग के अधिकारियों की भारी कमी है। जिले में एडीओ के 47 पद हैं जिनमें से 43 पद रिक्त हैं वहीं जिले में एसडीओ के चार पदों में से तीन खाली हैं। सरकार ने 180 दिन के लिए दूसरे जिलों से 6 एडीओ भेजे थे जिनका कार्यकाल 15 फरवरी को पूरा हो रहा है। - अजीत सिंह, एसडीओ, जिला कृषि विभाग
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