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24 साहित्यकारों को साहित्य अकादमी पुरस्कार
अंग्रेजी के लिए अनीस सलीम और उर्दू के लिए रहमान अब्बास को मिलेगा सम्मान

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। साहित्य अकादमी ने 24 भारतीय भाषाओं में बेहतर कृतियों के लिए 24 साहित्यकारों को बुधवार को साहित्य अकादमी पुरस्कार-2018 देने की घोषणा की। इन कृतियों में कविता संग्रह, उपन्यास, कहानी संग्रह आलोचना और निबंधों को पुरस्कार सूची में शामिल किया गया है।
इन पुरस्कारों की घोषणा के लिए साहित्य अकादमी में प्रेसवार्ता की गई। इसकी अध्यक्षता साहित्य अकादमी के सचिव डॉ. के. श्रीनिवास राव ने की। वहीं अकादमी के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर कंबार की अध्यक्षता में आयोजित कार्यकारी मंडल की बैठक में कृतियों को अनुमोदित किया गया। चयनित कृतियों के लिए रचनाकारों को 29 जनवरी, 2019 को आयोजित होने वाले साहित्योत्सव में एक लाख रुपये की राशि और साहित्य अकादमी पुरस्कार के रूप में एक उत्कीर्ण ताम्रफलक से नवाजा जाएगा।
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हिंदी भाषा के लिए चुनी गईं चित्रा मुद्गल
साहित्य पुरस्कारों में छह पुरस्कार उपन्यास संग्रहों के नाम हुए। इनमें हिंदी भाषा में लिखे गए उपन्यास ‘पोस्ट बॉक्स नं. 203-नाला सोपारा’ के लिए चेन्नई की साहित्यकार चित्रा मुद्गल को चुना गया। इस उपन्यास में उन्होंने थर्ड जेंडर के प्रति समाज की दकियानूसी मानसिकता का विरोध किया है। अंग्रेजी भाषा में लिखे गए उपन्यास ‘द ब्लाइंड लेडीज डीसेंडेंट्स’ के लिए अनीस सलीम, डोगरी भाषा में लिखे गए उपन्यास भागीरथ के लिए इंदरजीत केसर, संताली भाषा में लिखे गए उपन्यास मारोम के लिए श्याम बेसरा जीवी राकेक, तमिल भाषा के उपन्यास संचारम के लिए एस. रामकृष्णन और उर्दू भाषा के उपन्यास रोहजिन के लिए रहमान अब्बास को चुना गया।

इन सात कविता संग्रहों को मिली उपलब्धि
24 भारतीय भाषाओं में सात कविता संग्रह शामिल हैं। इनमें पंजाबी कविता संग्रह ‘कोने दा सूरज’ के लिए मोहनजीत, असमिया भाषा के कविता संग्रह ‘काइलेर दिनटो आमार ह ब’ के लिए सनंत ताँती, कोंकणी भाषा के कविता संग्रह ‘चित्रलिपी’ के लिए परेश नरेन्द्र कामत, मलयालम के कविता संग्रह ‘गुरूपउर्णमी’ के लिए एस. रमेशन नायर, संस्कृत के कविता संग्रह ‘मम जननी’ के लिए र माकांत शुक्ल, राजस्थानी कविता संग्रह ‘कविता दैवे दीठ’ के लिए राजेश कुमार व्यास और सिंधी कविता संग्रह ‘जिया में टांडा’ के लिए खीमण यू.मुलाणी को चुना गया है।

ये हैं कहानी संग्रह
छह कहानी संग्रहों को चुना गया है। इनमें कश्मीरी भाषा के कहानी संग्रह ‘आंख’ के लिए मुश्ताक अहमद मुश्ताक, बांग्ला कहानी संग्रह ‘श्रीकृष्णेर शेष कटा दिन’ के लिए संजीव चटोपाध्याय, बोडो कहानी संग्रह ‘दोंसे लामा’ के लिए रितुराज बसुमतारी, मैथिली कहानी संग्रह ‘परिणीता’ के लिए वीणा ठाकुर, मणिपुरी कहानी संग्रह ‘ड.मखैगी वाड.मदा’ के लिए बुधिचंद्र हैस्नाम्बा और नेपाली कहानी संग्रह ‘किन रोयौ उपमा’ के लिए लोकनाथ उपाध्याय चापागाईं को चुना गया है।

आलोचना भी हैं पुरस्कारों में शामिल
इस वर्ष साहित्य अकादमी ने तीन आलोचनाओं को भी पुरस्कार के लिए चुना है। इनमें कन्नड़ में लिखी आलोचना ‘अनुश्रेणी-यजामणिके’ के लिए के. जी नागराजप्पा, मराठी आलोचना ‘सर्जन प्रेरणा आणि कवित्वशोध’ के लिए म.सु. पाटील और ओड़िया आलोचना प्रसंग ‘पुरुणा भावना नूआ’ के लिए दाशरथि दास को चुना गया।
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ये निबंध भी हुए चयनित
साहित्य अकादमी द्वारा दो निबंधों को भी चुना गया है। इनमें गुजराती निबंध ‘विभाजननी व्यथा’ के लिए शरीफा वहजलीवाला और तेलुगु निबंध ‘विमर्शिनी’ के लिए कोलकलुरी इनोक को चुना गया है।
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