पुन्हाना के तीन मिडिल स्कूल 12वीं तक हुए अपग्रेड, ग्रामीणों में खुशी की लहर
- अब यहां की बेटियां बीच में पढ़ाई नहीं छोड़ेंगी
- अगले सत्र से लगेंगी कक्षाएं
पुन्हाना। हरियाणा के शिक्षा विभाग ने नूंह जिला के खंड पुन्हाना के मिडिल स्कूल तुसैनी, मिडिल स्कूल नेवाना और मिडिल स्कूल रायपुर को बारहवीं कक्षा तक अपग्रेड करने के आदेश दिए हैं। गांव के स्कूल अपग्रेड होने से स्थानीयलोगों में खुशी की लहर है। गांव के लोगों का कहना है कि अब उनकी बेटियां 12वीं कक्षा तक पढाई कर सकेंगी।
जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश शास्त्री ने बताया कि शिक्षा विभाग ने तुसैनी, रायपुरी और नेवाना गांव के राजकीय स्कूलों को सीनियर सेकेंड्री तक अपग्रेड करने के आदेश दिए हैं। सभी स्कूलों में अगले सत्र से कक्षाएं लगनी शुरू कर दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि विभाग ने भौतिक विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, अर्थशास्त्र, गणित, कॉमर्स, फिजिकल एजुकेशन, भूगोल के अध्यापक, लेक्चरर, प्रिंसिपल के अलावा फोर्थ क्लास कर्मचारियों के वेतन के लिए प्रति वर्ष एक करोड़ 78 लाख 5 हजार रुपये मंजूर किए हैं।
वहीं गांव रायपुर निवासी हाजी शहाबुद्दीन, सरपंच मास्टर आजाद ने बताया कि स्कूल के अपग्रेड होने से गांव के बेटियों को बहुत फायदा होगा। अब से पहले गांव से आठ किलोमीटर दूर तक कोई वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय न होने की वजह से गांव की करीब 55 लड़कियों ने पढ़ाई छोड दी है लेकिन अब गांव की सभी लड़कियां दोबारा दाखिला ले सकेंगी। वहीं गांव नेवाना के आशिक अली, मजीद सरपंच, चौधरी आलम और मामूर का कहना है कि सरकार ने उनके गांव को चार साल पहले आठवीं से दसवीं अपग्रेड किया था लेकिन कोई लिखित आदेश न आने की वजह से आज भी उनका स्कूल आठवीं तक ही है। सरकार ने उनके गांव को बारहवीं तक अपग्रेड कर बड़ा काम किया है। अब गांव के बच्चे कम से कम 12वीं तक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
वहीं गांव टपकन के सरपंच ताज मोहम्मद का कहना है कि उनके दसवीं के स्कूल को अपग्रेड कराने के लिए 15 दिन तक जुलाई में धरना दिया था। इस दौरान अधिकारियों और नेताओं ने आश्वासन दिया था कि एक महीने में स्कूल अपग्रेड हो जाएगा। जबकि उनका स्कूल सारी पात्रता पूरा करता है फिर भी उसे अपग्रेड न कर सरकार ने वादाखिलाफी की।
सरकार ने वर्ष 2015-16 में नूंह के 34 स्कूलों को अपग्रेड करने के आदेश दिये थे। जिनमें 25 मिडिल स्कूलों को हाई स्कूल बनाने और 9 हाई स्कूलों का दर्जा बढाकर सीनियर सेकेंडरी स्कूल बनाने का था। उनके से शाहचौख सहित कई स्कूल भी अपग्रेड नहीं हो सके हैं।