द्वारका एक्सप्रेसवे पर बैरियर लगाने पर हंगामा, विरोध प्रदर्शन
गुरुग्राम। दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर एनएच-8 से द्वारका एक्सप्रेसवे (एनपीआर) को जोड़ने के लिए खोले गए रास्ते को टोल कंपनी के कर्मचारी मंगलवार सुबह बैरियर लगाकर बंद करने पहुंचे। कर्मचारियों ने जेसीबी से खुदाई कर वहां खड्ढा खोद दिया। खुदाई होते देख स्थानीय लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। लोगों ने रास्ता बंद करने का विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया और रास्ता बंद नहीं करने दिया। हंगामा बढ़ता देख टोल कंपनी के कर्मचारी वापस लौट गए। जिसके बाद स्थानीय लोग मौके पर ही टेंट लगा धरने पर बैठ गए और रास्ता खुला रखने की मांग को लेकर देर शाम कैंडल मार्च निकाला।
गौरतलब है कि खेड़कीदौला टोल प्लाजा के पास एनएच-8 को एनपीआर से जोड़ने वाले रास्ते पर वर्ष 2016 में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने दीवार बनवाई थी। इसके कारण एनपीआर से आने वालों को हाईवे पर सीधे प्रवेश नहीं मिल पा रहा था। स्थानीय लोग लंबे समय से इस दीवार को हटाने की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेश के बाद गत बुधवार देर रात हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसीवीपी) ने बाधक दीवार तोड़ दी थी। जिससे वाहनों को एनपीआर से सीधे एनएच-8 पर प्रवेश मिल गया था। दीवार टूटने से खफा टोल का संचालन करने वाली कंपनी ने इसे अवैध बताते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए 25 जनवरी को कोर्ट ने रास्ता दोबारा बंद करने के आदेश दिए थे। कोर्ट के आदेश पर ही टोल कंपनी के कर्मचारी रास्ता बंद करने गए थे, लेकिन लोगों के विरोध के चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों में शामिल वाटिका नेक्स्ट इंडिपेंडेंट फ्लोर निवासी लोकेश यादव ने कहा कि रास्ता खुलने से लाखों राहगीरों को राहत मिली है। टोल कंपनी इसे बंद कर अपनी चांदी कूटना चाहती है। शिकोहपुर निवासी प्रवेश यादव ने कहा कि इस अपने हक के लिए स्थानीय लोग हर तरह की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। वह किसी के आगे नहीं झुकेंगे। यह रास्ता लोगों के हित के लिए खुला है, इसे दोबारा बंद करना गलत है। प्रदर्शनकारियों में खेड़कीदौला से ललित यादव, मोनू, शिकोहपुर से अभय सिंह चेयरमैन, राहुल यादव, अंतरिक्ष हाइट्स सोसाइटी निवासी मोहित, कीर्ति सिंह, वाटिका से पंकज शर्मा, नरेंद्र बंसल, सतीश यादव से अन्य लोग भी शामिल रहे। ब्यूरो