दिल्ली सरकार को मार्च 2020 तक 150
अतिरिक्त अस्थायी कोर्ट रूम बनाने का निर्देश
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- राजधानी की निचली अदालतों में होनी है 147 जजों की नियुक्ति
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एजेंसी
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार को मार्च 2020 तक जिला अदालतों में 150 अतिरिक्त अस्थायी कोर्टरूम मुहैया कराने का निर्देश दिया है ताकि निचली अदालतों में नियुक्त होने वाले 147 जज कार्य कर सकें। शीर्ष अदालत ने 2 अक्तूबर को देशभर की निचली अदालतों में 5000 जजों के रिक्त पद भरने के लिए 24 हाईकोर्ट और राज्यों से जवाब मांगा था।
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और जस्टिस एस के कौल की पीठ ने दिल्ली सरकार और हाईकोर्ट की ओर से दाखिल जवाब के बाद यह निर्देश दिया है। हाईकोर्ट की ओर से पीठ को बताया गया कि राजधानी की निचली अदालतों में 147 जजों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है और प्रशिक्षण पूरा होने के बाद मार्च, 2020 तक उनकी नियुक्ति कर दी जाएगी। इसके बाद पीठ ने दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग को तय समय के भीतर अस्थायी अदालतों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।
इस बीच, दिल्ली सरकार ने पीठ को बताया कि अगर उसे डीडीए की ओर से भूमि मुहैया करा दी जाए तो 150 अस्थायी कोर्ट बनाने की जगह वह फरवरी, 2021 तक 504 करोड़ की लागत से शास्त्री पार्क, कड़कड़डूमा, रोहिणी और रोज एवेन्यू में 201 स्थायी कोर्ट रूम, 525 वकील चैंबर और आनंद विहार में जजों के लिए 100 आवासीय इकाइयां तैयार कर सकती है। इसके बाद पीठ ने संबंधित एजेंसियों को जल्द से जल्द भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।