हेडिंग: सांसों पर संकट बरकरार, धूल में उड़ रहे नियम
प्रदूषण नियंत्रण के बनाए गए नियमों का नहीं हो रहा पालन
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। लगातार बढ़ रहे प्रदूषण से सांसों पर संकट मंडरा रहा है। एनजीटी से लेकर ईपीसीए तक प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए हैं, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण का जिम्मा जिन पर है वेे ही लापरवाही बरत रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगाए गए प्रतिबंध जारी होने के बावजूद शहर में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पेश है फोटोग्राफर लाल सिंह की यह रिपोर्ट...
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औद्योगिक इकाइयों से घिरे सेक्टर-58 की ग्रीन बेल्ट में रविवार को सफाई कर्मचारी ही नियमों की धज्जियां उड़ाते दिखे। सुबह सेक्टर से एकत्रित कचरा ग्रीन बेल्ट में डालकर आग लगाई जा रही थी जिससे वातावरण में धुआं ही धुआं दिखाई दिया। यहां से गुजरने वाले लोगों को सांस लेना तक मुश्किल हो रहा था।
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दिल्ली-एनसीआर में किसी भी तरह के निर्माण कार्य पर रोक है, लेकिन छलेरा में बिल्डिंग का निर्माण कराने वालों को न नियम की चिंता है और न लोगों के जीवन की। यहां भी नियमों को धता बताते हुए पुरानी इमारत को गिराया जा रहा था। इससे आसपास के क्षेत्र में धूल ही धूल उड़ रही थी।
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नियमों की धज्जियां उड़ाने में खुद नोएडा प्राधिकरण भी पीछे नहीं है। सेक्टर-58/59 डिवाइडिंग रोड को खोदने का काम जारी है। प्रदूषण नियंत्रण के तय मानकों का पालन कराने की जिम्मेदारी प्राधिकरण के कंधों पर है, लेकिन पालन कराने वाले ही नियम तोड़ते नजर आए।
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प्रदूषण की मार से हर कोई परेशान है, लेकिन इसकी फिक्र किसी को नहीं है। पुराने वाहनों पर पाबंदी के दावे पुलिस और परिवहन विभाग कर रहा है, लेकिन शहर में इनका संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। सेक्टर-57 में गैस एजेंसी संचालक प्रदूषण फैलाने वाले जर्जर वाहनों का बेरोकटोक इस्तेमाल करते दिखाई दिए।