बिल्डर-कंपनियों ने कब्जाए नगर निगम 51 रेवेन्यू रास्ते
गुरुग्राम। नगर निगम के रेवेन्यू रास्तों पर निजी कंपनियों और बिल्डरों ने कब्जा किया हुआ है। निगम के करीब 51 रेवेन्यू रास्तों पर 19 बिल्डर व कंपनियों ने कब्जा कर रखा है। इन रेवेन्यू रास्तों का खुलासा निगम के सर्वें में हुआ है। इससे पहले निगम को इन रास्तों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। 51 रास्तों पर निगम की करीब 30 एकड़ जमीन पर कब्जा है।
नगर निगम की ओर से निगम की जमीन को ऑनलाइन करने के लिए सर्वे करवाया गया था, जिसके बाद इन रास्तों का खुलासा हुआ है। निगम की ओर से इन रास्तों का कोई प्रयोग नहीं किया जा रहा है। निगम ने यह सर्वे रिपोर्ट 17 अक्तूबर को शहरी स्थानीय निकाय विभाग को भेजी। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, रास्तों के इस्तेमाल नहीं होने से बिल्डर और कंपनियों ने कब्जा कर लिया है। सर्वे रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 51 रास्ते निगम क्षेत्र के 9 गांवों में हैं जिन पर कब्जा है। इनमें ग्वाल पहाड़ी, घाटा, वजीराबाद, बादशाहपुर, सिहि, पावला-खुशरपुर, चौमा, सिलोखरा और समसपुर गांव शामिल हैं।
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-रेवेन्यू रास्तों पर कब्जे को लेकर सर्वे कराया गया है। रास्तों के तब्दील करने का निर्णय सदन की बैठक के आधार पर ही होगा।
यशपाल यादव, निगमायुक्त, नगर निगम, गुरुग्राम
144 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा : गुरुग्राम। नगर निगम ने अपनी जमीन की ऑनलाइन निशानदेही कराने के लिए जमीन का सर्वे पूरा कर लिया है, जिसमें निगम की जमीन पर 144 एकड़ 3 मरला जमीन पर अवैध कब्जा होने का खुलासा हुआ है। निगम से जमीन का पूरा ब्योरा मुख्यालय की ओर से मांगा गया था, निगम ने सर्वे पूरा कर मुख्यालय को फाइनल रिपोर्ट भेज दी है। इस रिपोर्ट के बाद अब निगम कब्जा मुक्त कराने की पहल करेगा।
निगम के पास कुल जमीन 2527 एकड़ 1 कनाल व 1 मरला है। रिपोर्ट के मुताबिक, 242 एकड़, 2 कनाल 13 मरला जमीन पर गैर मौरुसी (पंचायत की ओर से जोतने के लिए दी गई जमीन) का कब्जा है। 66 एकड़ 4 कनाल 21 मरला जमीन पर भौंडदार व दोहलीदार (पंचायत की ओर से बाहर से आए किसी समाज को जोतने के लिए दान दी गई जमीन) ने कब्जा किया हुआ है। वहीं दूसरी ओर 1986 एकड़ जमीन पर शहर में या गांवों में कुआं, तालाब, श्मशान घाट व रास्तों का प्रयोग किया जा रहा है। अब नगर निगम के पास कुल 88 एकड़, 2 कनाल 11 मरला जमीन खाली पड़ी हुई है।
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जमीन का सर्वे पूरा हो गया है। सर्वे रिपोर्ट को मुख्यालय भेज दिया गया है। अब जल्द जमीन को ऑनलाइन कर दिया जाएगा।
-हरिओम अत्री, जिला राजस्व अधिकारी, नगर निगम, गुरुग्राम