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चार वर्ष में काले हिरण की संख्या घटकर रह गई आधी

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नोएडा। काले हिरण को लेकर पर्यावरणविदें को चिंता सताने लगी है। इसकी वजह इनकी संख्या में तेजी से कमी आना है। चार साल पहले वन विभाग द्वारा किए गए सर्वे में काले हिरण की संख्या 100 थी, जो कि वर्तमान में घटकर आधी रह गई है। इसकी वजह यहां लगातार घटता वन क्षेत्र है। कंकरीट के जंगल ने इनका आवास छीन लिया है। जिस वजह से यह सड़कों पर घूमते दिख रहे हैं। हाल ही में सड़क दुर्घटना में एक काले हिरण की मौत हो गई थी। लिहाजा, पर्यावरणविद् मुख्यमंत्री से इस क्षेत्र को काला हिरण संरक्षित क्षेत्र घोषित करने की मांग कर रहे हैं। ताकि विलुप्त हो रहे काले हिरण का संरक्षण किया जा सके।
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काले हिरण ग्रेटर नोएडा के गांव धनौरी व दादरी के आसपास के क्षेत्र में आसानी से देखे जा सकते हैं। लेकिन इनकी संख्या लगातार घटती जा रही है। इसे लेकर यहां के लोगों में काफी रोष है। इसकी वजह इनका प्राकृतिक आवास इनसे दूर होना माना जा रहा है। ऐसे में यह छिपने के लिए शहर की ओर रुख कर रहे हैं, जिस कारण ये दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।
पर्यावरणविद् विक्रांत तोंगड़ ने बताया कि इनका संरक्षण करने के लिए विभिन्न स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज तक इनके संरक्षण के लिए किसी ने कोई कदम नहीं उठाया है। ऐसे में पहले चरण में सीएसआर के तहत विभिन्न कंपनियों की मदद से 10 गांवों में जाकर लोगों को काले हिरण के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री, प्राधिकरण व वन विभाग के अधिकारियों से मिलकर इस क्षेत्र को काला हिरण संरक्षित क्षेत्र घोषित करने की मांग की जाएगी। इसके लिए भारत सरकार को भी अवगत कराएंगे। साथ ही पूरे क्षेत्र की फेंसिंग कराने की बात भी रखेंगे। ताकि काले हिरण अपने क्षेत्र में ही रहें। बाहर सड़कों पर न निकलें।
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बर्ड वॉचर आनंद आर्या ने बताया कि काले हिरण पर्यावरण विभाग की श्रेणी-1 में आते हैं। इनको संरक्षित रखना बहुत ही जरूरी है। इनके लिए पानी की व्यवस्था भी की जानी चाहिए।
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