दादरी थाने के एक गांव में 2019 में हुई थी दरिंदगी की वारदात
ग्रेटर नोएडा। पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत ने आठ साल के मासूम बच्चे के साथ सोडोमी (अप्राकृतिक यौन संबंध) के आरोप में दादरी के कालू उर्फ प्रिंस को दोषी करार देते हुए 20 साल की सजा सुनाई है। दोषी पर 72 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को नौ महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
27 अगस्त 2019 को दादरी थाने के एक गांव में रहने वाले आठ साल के मासूम को कालू पैसे का लालच देकर अपने घर ले गया था। इसके बाद धमकी देकर उसके साथ अप्राकृतिक यौन संबंध की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद बच्चे ने दर्द की शिकायत की। बच्चे से मामले की पूछताछ के बाद परिजनों ने पुलिस में केस दर्ज कराया। पीड़ित बच्चे की मेडिकल जांच में निजी पार्ट के आसपास लालिमा और चोट के निशान पाए गए थे। पुलिस ने मामले में आरोपी को पकड़ा था। जांच के बाद मामले में चार्जशीट दाखिल की गई थी। मामले में कुल सात गवाह कोर्ट में पेश हुए।
मेडिकल जांच में हुई थी पुष्टि
मेडिकल जांच करने वाले डॉक्टर ने अपने बयान में बताया था कि बच्चे के एनल स्वैब और स्मीयर टेस्ट में यह साबित हुआ कि उसके साथ दुराचार हुआ था। हालांकि, सुनवाई के दौरान पिता ने अपना बयान भी पलटा, लेकिन अदालत ने 164 सीआरपीसी के तहत दर्ज बच्चे के बयान, मेडिकल सबूतों और गांव वालों की गवाही को आधार मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया। विशेष न्यायाधीश विजय कुमार हिमांशु ने फैसले में कहा कि आरोपी ने मासूम के साथ गंभीर अपराध किया है। आरोपी ने बच्चे को धमकाया और उसके साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए। इस कारण आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल की सजा सुनाई है। आरोपी के अधिवक्ता ने दलील दी थी कि आरोपी को कम सजा मिलनी चाहिए लेकिन अदालत ने कहा कि आरोपी का अपराध इतना घिनौना है कि रियायत नहीं दी जा सकती।
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