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Noida News: 20 बिल्डर पैकेज साइन करने को राजी, 3000 फ्लैटों की रजिस्ट्री का रास्ता खुला

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20 बिल्डर पैकेज साइन करने को राजी, 3000 फ्लैटों की रजिस्ट्री का रास्ता खुला
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- नोएडा प्राधिकरण की बैठक में 31 में से 25 बिल्डर पहुंचे, एक सप्ताह में पैकेज साइन होने की संभावना

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण से वार्ता के बाद 20 बिल्डर पैकेज साइन करने को राजी हो गए हैं। आगामी 23-24 जनवरी तक पैकेज साइन करने के बाद बिल्डर बकाया जमा कराना शुरू कर देंगे। इससे करीब तीन हजार फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री शुरू हो जाएगी। प्राधिकरण की ओर से ऐसे बिल्डरों को बची हुई ओसी जारी कर दी जाएगी। इन बिल्डरों पर प्राधिकरण का करीब 1250 करोड़ रुपये बकाया है।
बुधवार को नोएडा प्राधिकरण ने परियोजनाएं पूरी कर चुके 31 बिल्डरों को बुलाया था इनमें से 25 बिल्डर प्राधिकरण पहुंचे। प्राधिकरण कार्यालय के बोर्ड रूम में बिल्डरों को बकाये की गणना दिखाई गई। प्राधिकरण ने एक-एक बिल्डरों के बकाये के बाबत फॉर्मेट तैयार किया है। फॉर्मेट में बकाये की राशि के अलावा छूट के बाद कुल बकाया अंकित है। इसके अलावा परियोजना में फ्लैट की स्थिति दिखाई गई है। इसमें परियोजना को दी गई ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट, फ्लैटों के पूरे हो चुके निर्माण, बिना रजिस्ट्री के रह रहे लोग और कितने फ्लैटों की रजिस्ट्री बची हुई है, इसका जिक्र है।
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बुधवार को एक-एक बिल्डर से बैठकर प्राधिकरण के अधिकारियों ने वार्ता की। वार्ता में बताया गया कि बिल्डर अपने स्तर पर तैयार किए गए आंकड़े से मिलान कर लें और इसको बृहस्पतिवार शाम तक प्राधिकरण कार्यालय में जमा करें। फिर 22 जनवरी के बाद ऐसे सभी बिल्डर कुल बकाये की 25 प्रतिशत राशि जमा कराने के लिए पैकेज साइन करें। बैठक में करीब 20 बिल्डर पैकेज साइन करने को तैयार हो गए हैं।

एनजीटी की छूट मिले तो बकाया हो जाएगा शून्य
वहीं कई बिल्डरों का तर्क है कि प्राधिकरण अगर उनके एनजीटी काल के बकाये की छूट दे तो उनको एक भी पैसा जमा नहीं कराना होगा और प्राधिकरण से ओसी मिलने के बाद उनकी परियोजनाओं में रजिस्ट्री आदि का काम अगले दिन से शुरू हो सकता है। हालांकि प्राधिकरण ने नियम बनाया है कि बिल्डर कोविड काल के दो वर्ष की छूट लेकर कुल बकाये की 25 प्रतिशत राशि 60 दिनों में जमा करें। ऐसे बिल्डरों का कहना है कि अगर एनजीटी की छूट मिलने के बाद उनका कोई बकाया नहीं रहेगा तो वह पहले पैसा क्यों दें। इस पर प्राधिकरण ने विचार करने का आश्वासन दिया।
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अधूरे निर्माण और कोर्ट के मामले अभी कतार में
बिल्डरों से बातचीत के बाद भी प्राधिकरण अधूरे निर्माण के मामले अभी कुछ भी कहने की हालत में नहीं हैं। ऐसे करीब 30-35 बिल्डरों पर प्राधिकरण का बकाया सैकड़ों करोड़ों में है। इन बिल्डरों को छूट आदि देकर पैकेज पर साइन कराना प्राधिकरण के लिए चुनौती से कम नहीं होगा। इन्हीं बिल्डरों पर प्राधिकरण का सबसे अधिक बकाया है। अगर यह पैकेज साइन कर देते हैं तो प्राधिकरण को पुराना बकाया मिल सकेगा।
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