फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: आंखों की बीमारियों में 20-30 फीसदी का इजाफा

विज्ञापन
विज्ञापन
-ग्रेटर नोएडा में निरंतर बढ़ते प्रदूषण का असर
विज्ञापन

-जिम्स में आंखों में खुजली, जलन, पानी आने और लालपन की शिकायत लेकर पहुंच रहे लोग
-ओपीडी में आने वाले मरीजों में बच्चों की संख्या सर्वाधिक
नितेश कुमार


ग्रेटर नोएडा। शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से इसका दुष्प्रभाव सीधे लोगों की आंखों पर पड़ रहा है। हवा में धूल और जहरीले कणों की मात्रा बढ़ने के से लोगों की आंखों में खुजली, जलन, पानी आने और लालपन जैसी समस्याओं के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सबसे अधिक प्रभावित 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे हैं। इसी कारण राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के नेत्ररोग विभाग की ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।



दरअसल, जिम्स की नेत्ररोग विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 100 से 110 तक मरीज आंखों के लिए इलाज के लिए आते हैं। इनमें से करीब 70 से 80 मरीज प्रदूषण जनित एलर्जी व खुजली से परेशान है। 70 से 80 मरीजों में से भी 50 से 60 मरीज 15 वर्ष से कम आयु के बच्चे हैं। जिम्स के नेत्ररोग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शैली राज के अनुसार आंखों में खुजली, जलन, पानी आने और लाल होने की शिकायत में दिवाली के बाद से करीब 20 से 30 फीसदी तक वृद्धि हुई है। उनका कहना है कि पहले करीब 50 से 60 फीसदी मरीज इन बीमारियों से ग्रस्त आते थे। लेकिन अब इनकी संख्या 70 से 80 फीसदी तक पहुंच गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उनका कहना है कि इस समय हवा में मौजूद सूक्ष्म कण आंखों की सतह पर जमा होकर उसे उत्तेजित कर रहे हैं। इससे आंखों में एलर्जी का खतरा बढ़ गया है। ओपीडी में आ रहे अधिकतर मरीजों में कंजंक्टिवाइटिस (आंख आना) जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। यह किसी संक्रमण की वजह से नहीं बल्कि प्रदूषण से हो रहा है। दिवाली से पहले जो मरीज सामान्य दिनों में हल्की शिकायत लेकर आते थे, वो अब गंभीर तकलीफ के साथ पहुंच रहे हैं। लोगों की आंखें प्रदूषित कणों के संपर्क में आने के बाद सूजने लगती हैं और कुछ मरीजों में एलर्जी के कारण पलकें चिपकने की समस्या भी बढ़ी है।

-

बचाव

- घर से बाहर निकलते समय चश्मे का प्रयोग।

- सुबह-शाम टहलने से बचें।

- आसपास धुआं न होने दें।

- घर के सामने सड़क पर पानी का छिड़काव करें।

- बाहर निकलें तो मुंह पर रुमाल या मास्क पहनें।
- आउटडोर एक्टिविटी को कम करें।
- सुबह-शाम घर से कम बाहर निकले।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें