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गांव छारौड़ा में युवति के आत्महत्या का मामला पकड़ता जा रहा है तूल

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आरोपी पक्ष से बात करने पर लगेगा आर्थिक दंड
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मनचलों से परेशान नाबालिग द्वारा आत्महत्या करने का मामला, गांव छारौड़ा की पंचायत में लिया फैसला
पुलिस पर बिना तफ्तीश के एक आरोपी को छोड़ने का भी लगाया आरोप
तावडू। उपमंडल के गांव छारौड़ा में मनचलों की हरकतों से तंग होकर नाबालिग लड़की द्वारा जहरीला पदार्थ पीकर की गई आत्महत्या का मामला बजाए लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मामले को लेकर शुक्रवार सुबह गांव में एक पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में आरोपी पक्ष के साथ किसी तरह का भाईचारा नहीं रखने और उससे बात करने पर 11 सौ रुपये के दंड के साथ-साथ पुलिस द्वारा बिना तफ्तीश के छोड़ दिए गए एक आरोपी के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई का फैसला लिया गया।
पीड़ित परिजनों के मुताबिक दो युवकों की हरकतों से परेशान नाबालिग लड़की ने गत 3 नवंबर को कीड़े मारने वाली जहरीली दवा पी ली थी। जिसके कारण उपचार के दौरान शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज नलहड़ नूंह मे 4 नवंबर को उसकी मौत हो गई। घटना के लिए पुलिस ने सरपंच के भाई मोहम्मद यूसुफ व चचेरा भाई मोहम्मद इकलास पुत्र यासीन के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि 16 नवंबर को आरोपियों को पुलिस को सौंप दिया गया। लेकिन दो दिन तक हवालात में बंद रखने के बाद उनमें से एक आरोपी को पुलिस ने मिलीभगत कर छोड़ दिया। जबकि दोनों आरोपियों की हरकतों से परेशान होकर लड़की ने जहरीली दवा पीकर आत्महत्या को अंजाम दिया।
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पीड़ित पक्ष की तरफ से पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत भेज थाने में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों के हवालात में बंद रहने के दो दिन बाद एक आरोपी के छोड़ने की जांच कराने व उसे गिरफ्तार करने की मांग की है। पंचायत का कहना था कि कई दिनों की भागदौड़ करने पर दोनों आरोपियों को काफी मुश्किल से उनकी रिश्तेदारियों से लेकर आए थे। आरोपियों को पुलिस को सौंपने से पहले मामले को लेकर पीड़ित व आरोपी पक्ष के लोगों की एक पंचायत हुई। पंचायत में बात नहीं बनने पर आरोपियों को पुलिस को सौंप दिया गया। लेकिन आरोपियों के परिजनों ने बिरादरी के लोगों के साथ विश्वासघात करते हुए एक आरोपी को पुलिस से सांठगांठ कर छुड़ा लिया और पंचायत में दोनों आरोपियों के जेल जाने की बात कह कर फैसला करने का दबाव बनाता रहा। आरोपी पक्ष के मुखिया द्वारा किए गए विश्वासघात का राज खुलने पर आयोजित पंचायत में आरोपियों के परिजनों के मुखिया को लेकर फैसला लिया गया। इसमें कहा गया कि आरोपी पक्ष के साथ किसी भी व्यक्ति के बात करने पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा और पुलिस द्वारा बचाए गए आरोपी पर एकजुट होकर उसे सलाखों में भिजवाने सहित सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की जाएगी।

फोटो कैप्शन: पंचायत में भाग लेते लोग गांव छारोड़ा के लोग।
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