नीति आयोग की टीम ने किया शहीदों के गांवों का दौरा
नूंह को अति पिछड़े 100 जिलों की सूची में शामिल करने के लिए जुटाई जानकारी
फिरोजपुर झिरका। सोमवार को कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के विधि भारद्वाज ने मेवात में पिछड़ेपन व आजादी में शहीद होने वाले की विस्तृत जानकारी जुटाने के लिए अलग-अलग गांवों का दौरा किया। उनके साथ इतिहास के जानकार लोगो ने मेवात के सम्बंध में देश की आजादी से लेकर आज तक का इतिहास रखा।
नीति आयोग भारत सरकार के नूंह जिले को अति पिछड़े 100 जिलों में शामिल करने की जमीनी सच्चाई जानने के लिए कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के विधि विभाग के प्रवक्ता जय किसन ने मेवात के हथीन ब्लॉक के रुपडाका, नूहं ब्लॉक के नंगली, फिरोजपुर खण्ड के रंगाला राजपूत, और साकरस का दौरा कर स्वास्थ्य शिक्षा एवं रोजगार के बारे में आम जनता से जानकारी ली। जय किशन ने देश की आजादी में अपनी जान कुर्बान करने वाले बहादुर देश भक्त के साथ शहीदों के गांवों के वर्तमान स्थिति की ग्रामीणों से जानकारी प्राप्त की।
उनके साथ मेवात के इतिहास के इतिहास को नजदीक से समझने व परखने वाले फजरद्दीन बेसर ने मेवात के पिछड़ेपन की तस्वीर को विस्तार से रखा। बेसर ने बताया कि देश की आजादी में मेवात के योद्धाओं ने किस तरह अपनी गर्दन को फांसी में लटका लिया। जयकिशन को बताया कि आजादी के सात दशक बाद भी मेवात के लोग बिजली,पानी,सड़क,स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। पूरे देश में मेवात का देश को अंग्रेजों,मुगलों से आजादी दिलाने में प्रथम स्थान है।
हर गांव में शहीदों के लहू से स्वर्णिम गाथा इतिहास के पन्नो में लिखी गई है। टीम के गांव भ्रमण के दौरान उनके साथ डॉ.अशगड़आलम, अरशद माहोली, वसीम हिरवाड़ी, इस्माइल, आरिफ ठेकेदार आदि लोग मौजूद रहे।