पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के लिए आलदोका में हुआ श्रद्धांजलि का आयोजन
नगीना। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ऐसे सर्वमान्य नेता थे, जिनका विरोधी भी विरोध नहीं करते। उनके निधन से आज राजनीतिक क्षेत्र अपने आप खाली महसूस कर रहा है। बेशक उन्होंने 40 वर्ष विपक्ष की राजनीति की, लेकिन फिर भी सत्तारूढ़ पार्टी उन पर बहुत अधिक विश्वास करती थी। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने दौरे के दौरान यूएनओ में भारत का पक्ष रखने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी को अपना प्रतिनिधि बना कर भेजा था। यह बातें रविवार को नूंह उपमंडल के गांव आलदोका में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप देशवाल ने कही। इस दौरान खेड़ा-खलीलपुर मंडल के अध्यक्ष शिवचरण छछेड़ा, पूर्व अध्यक्ष बीर पहलवान, सरपंच बिजेंद्र देशवाल, बीआर देशवाल, पंच राजू, जिले सिंह, हरगोपाल फौजी, रामगोपाल नंबरदार, साधुराम, रिटायर्ड हैडमास्टर खूबचंद, सुरेंद्र गर्ग, मोलूराम बाल्मीकी, ओमदेव फौजी समेत काफी संख्या में ग्रामीणों ने उपस्थित हुए। सभी ने पूर्व प्रधानमंत्री के चित्र पर पुष्पार्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि पेश की। देशवाल ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय इतिहास के एक मात्र ऐसे प्रधानमंत्री रहे, जिनकी छवि पर कोई दाग नहीं रहा। विपक्षी भी उनका सम्मान करते थे। उनकी महानता का ही परिणाम है। उनके निधन पर हर वर्ग, हर विचारधारा के व्यक्ति आंसू बहा रहा है। विश्व पटल पर भारत को परमाणु शक्तिशाली बनाने, देश को भ्रष्टाचार मुक्त करने, विकास दर को तेजी से बढ़ाने, कारगिल युद्ध में पाकिस्तान को धूल चटाने, पोखरण में परमाणु परीक्षण कर विश्व को नसीहत देने जैसे महान कार्य उन्होंने ही किए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वो स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के बताए रास्ते पर चलें। ब्यूरो