फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

125 में से सिर्फ 10 प्रतिशत स्कूलों ने दिया जवाब, शिक्षा विभाग जिलाअधिकारी को भेजेगा रिपोर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
हेडिंग: 125 स्कूलों में से 10% ने ही बताए सुरक्षा के इंतजाम
विज्ञापन

शिक्षा विभाग ने दो बार स्कूलों को भेजा रिमाइंडर, जिला अधिकारी को सौंपेंगे रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। शहर के स्कूल छात्रों की सुरक्षा को लेकर लापरवाह दिख रहे हैं। शिक्षा विभाग की तरफ से सीबीएसई के स्कूलों में सुरक्षा के इंतजाम के बारे में पूछा गया है। इसमें कई बिंदु हैं, लेकिन अभी तक सिर्फ 10 प्रतिशत स्कूलों ने ही इसकी जानकारी विभाग को दी है। ये हालत तब है जब विभाग की तरफ से दो बार रिमाइंडर भेजा जा चुका है। अब शिक्षा विभाग जिलाधिकारी को इसकी रिपोर्ट भेजने जा रहा है।
गुरुग्राम में सीनियर छात्र द्वारा जूनियर को मार देने की घटना के बाद से ही स्कूलों की सुरक्षा पर सवाल उठ गए हैं। कई स्कूलों में छात्राओं से दुष्कर्म व छेड़छाड़ जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। अभिभावकों का कहना है कि मोटी फीस लेने के बावजूद भी स्कूल सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं ले रहे हैं। इसेे लेकर शिक्षा विभाग ने सीबीएसई के जिले में मौजूद 125 स्कूलों को सर्कुलर भेजकर सुरक्षा के इंतजाम की सूची मांगी थी। 5 अगस्त तक सभी स्कूलों को जानकारी देनी है। इस पर स्कूल को सभी शिक्षकों के हस्ताक्षर भी कराने हैं। इसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्कूल का औचक निरीक्षण करना है। इस दौरान अगर सुरक्षा के दावे झूठे निकले तो स्कूलों पर कार्रवाई होगी, लेकिन अभी तक स्कूलों ने जवाब नहीं दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

-------------------
सिर्फ 10 प्रतिशत स्कूलों ने ही सुरक्षा के इंतजाम की सूची दी है। स्कूलों का कहना है कि सभी शिक्षकों से उस पर हस्ताक्षर कराने हैं, इसमें दिक्कत आ रही है। स्कूलों को रिमाइंडर भी भेजा गया है। 5 अगस्त तक स्कूलों को हर हाल में जानकारी देनी होगी।
- पीके उपाध्याय, जिला विद्यालय निरीक्षण
----------
स्कूलों को देेने हैं ये जवाब
- स्कूलों में कितने गार्ड तैनात हैं।
- छात्रा और छात्रों के लिए कितने शौचालय हैं।
- स्कूल में कितने गेट हैं।
- स्कूल बस में टीचर साथ में जाती है या नहीं। बस में कैमरे लगे हुए हैं या नहीं।
- स्कूल में कितनी बसें हैं। इसके अलावा भी कई बिंदुओं की जानकारी देनी थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें