तीन तलाक विधेयक के खिलाफ बंद बुलाने की चेतावनी
नगीना (नूंह)। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड लखनऊ की सदस्य आमना रिजवान ने मेवात के गांव साकरस में मंगलवार को केंद्र सरकार को खुली चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार फिर से संसद में 3 तलाक बिल लाती है, तो मुस्लिम समुदाय भी भारत बंद का ऐलान करेगा। उन्होंने इसे मुसलमानों की धार्मिक आजादी में सरकारी हस्तक्षेप करार दिया।
आमना ने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब ने 1400 साल पहले मुस्लिम महिलाओं को शरीयत में आजादी दी थी। प्रधानमंत्री का मुस्लिम महिलाओं को आजादी दिलाने का बयान गलत है। इस दौरान आसपास के गांवों से जुटी हजारों महिलाओं के साथ बालिका मदरसे से लेकर चौबीसी चौपाल तक तीन तलाक विधेयक के विरोध में जुलूस निकालकर अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि तीन तलाक मसले पर कानून बनाने की कोई जरूरत नहीं है, अगर सरकार नहीं मानती है तो मुस्लिम समुदाय भारत बंद की घोषणा करते हुए अपना रोष प्रकट करेगा। देशभर में अब तक 180 जगहों पर मुस्लिम समुदाय की महिलाओं ने जुलूस निकालकर रोष जता दिया है। वहीं, प्रोफेसर तैय्युबा सुल्ताना ने कहा कि देश की मुस्लिम महिलाएं शिक्षित हो रही हैं और तलाक के बारे में पूरी जानकारी रखती हैं। वहीं पुन्हाना में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के तहत काम कर रही शरीयत तहाफ्फुज मुहिम (शरीयत सुरक्षा मुहिम) के तहत मेवात जिले के सबसे बडे़ गांव साकरस में भी तीन तलाक विधेयक के खिलाफ सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। बाद में मेवात डीसी की मार्फत राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन का आयोजन शरीयत सुरक्षा मुहिम मेवात की अध्यक्ष आलिमा मुमताज, मुफ्ती सलीम महासचिव आल मेवात जमीयत उलमा हिंद ने किया। साकरस गांव के मरदसा जामिया इस्लाहुल बनात कास्मियां में समारोह का आयोजित किया गया। इसके बाद महिलाओं ने हाथों में बैनर लेकर सरकार के खिलाफ मौन जुलूस निकाला। मौके पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की सदस्य आमना रिजवान ने कहा कि सरकार जो तीन तलाक पर विधेयक ला रही है, वो महिलाओं के लिए खतरनाक है, जिसे महिलाएं बर्दाश्त नहीं करेंगी। शरीयत सुरक्षा मुहिम कमेटी की राष्ट्रीय अध्यक्षा प्रोफेसर तैयबा सुल्ताना ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह विधेयक पूरी तरह मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ है। मौके पर सलमा खातून महुं, हसीना साकरस, शहरुनी साकरस, रुकयया, हकीमन, आसूबी, सरजीना खेडली, आईशा पुनहाना, हाफिज नसीर, मुफ्ती सलीम, मौलाना वसीम कासमी, मौलाना साबिर, मौलाना रिजवान, मौलाना फरीद, सहिद और मौलाना शाहिद व अन्य लोग मौजूद थे।