- जनपद के हर स्कूल के शिक्षक होंगे शामिल, दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाले प्रदर्शन की तैयारी शुरू
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जनपद के चारों ब्लॉक के स्कूलों में पढ़ाने वाले 1800 से अधिक शिक्षकों को नौकरी बचाने के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य होगा। टीईटी पास नहीं करने वाले शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक सकती है। शिक्षक टीईटी की तैयारी के साथ साथ प्रदर्शन करने की भी रणनीति तैयार कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि वह छात्रों को पढ़ाने के साथ-साथ खुद की पढ़ाई भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब उनसे अचानक बताया गया है कि उन्हें भी टीईटी पास करना होगा। जबकि नौकरी के समय ऐसे कोई भी नियम कानून नहीं थे। 21 नवंबर को इसके विरोध में प्रदर्शन किया जाएगा।
उत्तर प्रदेशीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रवीन शर्मा ने बताया, 2011 के पास को टीईटी को अनिवार्य किया गया था। लेकिन अब उससे पहले के लिए भी नियम बना दिया गया है, जो सरासर गलत हैं। उन्होंने बताया इस नियम के खिलाफ 21 नवंबर को रामलीला मैदान में देश के सभी शिक्षक जुटने वाले हैं। यह आंदोलन आरटीई एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता संबंधी निर्णय में संशोधन की मांग को लेकर किया जा रहा है। इसका आह्वान एफटीआई और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने किया है। 21 नवंबर को आरटीई एक्ट में संशोधन कर एक्ट लागू होने से पूर्व के शिक्षकों को टीईटी से मुक्ति की मांग की जाएगी। जनपद के हर स्कूल के शिक्षकों की एकजुटता दिखाई देगी। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी इसी एकजुटता से सफलता मिली है और इस बार भी वे इस समस्या से बाहर निकलेंगे।