जायरीनों के लिए नाकाफी सुविधा, बैठने-रुकने की दुविधा
तावडू। शनिवार से हज पर जाने वाले हाजियों की काबा की मुकद्दस यात्रा शुरू हो चुकी है। रविवार को दूसरे दिन तीन फ्लाइट से करीब 1230 जायरीन काबा के लिए रवाना हुए। जिनमें करीब 1 हजार हाजी अकेले मेवात इलाके से हैं। काबा का यह सफर 28 जुलाई तक लगातार जारी रहेगा। जायरीनों को इस बार इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (आईजीआई)एयरपोर्ट से पहले बने अस्थायी हज शिविर में करीब 5 घंटे पहले रिपोर्टिंग करनी पड़ रही है। जिसके बाद उन्हें शिविर से ही सीधा बस से एयरपोर्ट तक पहुंचाया जा रहा है। शिविर में पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण जायरीनों को कई कई घंटे खुले आसमां तले बैठना पड़ रहा है। इसके खिलाफ जायरीनों में सेंट्रल हज कमेटी के प्रति रोष है। अल्पसंख्यक मंत्रालय नई दिल्ली से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरक्षा व जायरीनों की सुविधा के लिहाज से ऐसा किया गया है। हालांकि उन्हें इससे दिक्कत ही हो रही है।
हज जाने वाले जायरीन नसरूदीन, बरसद, अख्तर, खुर्शीद, हारून, हाकम आदि ने बताया कि हर साल जायरीन सीधे दिल्ली एयरपोर्ट हज टर्मिनल पर जाते थे। लेकिन इस बार जायरीनों को एयरपोर्ट से करीब 3 किमी पहले बनाए गए अस्थाई हज शिविर में रिपोर्र्िटंग करनी पड़ रही है। जिसमें सुविधा नाकाफी है। उन्होंने बताया कि शिविर के अंदर जब तक एक फ्लाइट के जायरीनों की रिपोर्टिंग पूरी नहीं हो पाती है तब तक दूसरी फ्लाइट के जायरीनों को शिविर के बाहर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। चाहे मौसम कैसा भी हो, जबकि हाजियों से सुविधा के नाम पर इस बार अधिक राशि ली गई है।
इस संबंध में शिविर में मौजूद हरियाणा हज कमेटी के सदस्य हाजी मौहम्मद अब्बाश, मौ. सुबेर, मौ. इकबाल, जाकिर ने बताया कि तमाम दिक्कतें हैं। बरसात है। उमस परेशान कर रही है, लेकिन फिर भी बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। वह हरियाणा हज कमेटी के चेयरमैन औरंगजेब को इससे अवगत करा व्यवस्था सुधारने की मांग कर चुके हैं। हज के मुकद्दस सफर पर जाने वाले जायरीनों की खिदमत में लगे पूर्व हरियाणा हज कमेटी सदस्य मौलाना अब्दुल सुभान ने कहा कि कि हाजियों को इस बार दिल्ली एयरपोर्ट से पहले एक शिविर के नीचे शरणार्थी की तरह रोका गया है। शिविर बहुत छोटा है, जिसमें सिर्फ एक फ्लाइट में जाने वाले जायरीनों के लिए व्यवस्था है।
इस बारे में हरियाणा हज कमेटी के चेयरमैन का कहना है कि जायरीनों की सहूलियत के लिए ही अस्थाई हज शिविर बनाया गया है अगर कोई असुविधा है तो सेंट्रल हज कमेटी में बात कर समाधान कराया जाएगा। वहीं पूर्व परिवहन मंत्री एवं कांग्रेसी नेता चौ. आफताब अहमद का आरोप है कि हाजियों की सुविधा से केंद्र सरकार को कोई सरोकार नहीं है।