एसएससी की ऑनलाइन परीक्षा के सॉल्वर
गिरोह का भंडाफोड़, दिल्ली से 4 गिरफ्तार
क्रासर -
- यूपी एसटीएफ और दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई
- ऑनलाइन एप टीम व्यूअर से एक साथ कराते से पास
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ।
दिल्ली पुलिस और यूपी एसटीएफ ने मिलकर कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ऑनलाइन परीक्षा में सॉल्वर के माध्यम से परीक्षा पास कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ये गैंग कंप्यूटर पर टीम व्यूअर सॉफ्टफेयर के जरिये परीक्षा पास करा रहा था। दिल्ली में छापेमारी कर चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें गैंग लीडर सोनू सिंह, अजय जायसवाल, परम और गौरव शामिल है। पकड़े गए युवकों में दो दिल्ली, एक हरियाणा और एक उत्तर प्रदेश का है। इनके पास से तीन लैपटाप, 10 फोन, 50 लाख रुपये, तीन लक्जरी गाड़ियां, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि यूपी एसटीएफ को दिल्ली में होने वाले एसएससी की ऑनलाइन परीक्षा में साल्वर गैंग के सक्रिय होने की सूचना मिली थी। एसटीएफ की टीम ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया और संयुक्त ऑपरेशन की योजना बनाई। इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाले मेरठ एसटीएफ यूनिट के बृजेश ने अमर उजाला को बताया कि सर्विलांस के दौरान एसएससी परीक्षा में पास कराने वाले गिरोह के सक्रिय होने का इनपुट मिला था। जिसके बाद दिल्ली पुलिस से संपर्क कर संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
10 से 15 लाख रुपये लेते थे पास कराने के ---------
पूछताछ में पकड़े गए अभियुक्तों ने बताया कि वह एक कैंडिडेट से 10 से 15 लाख रुपये पास कराने के लिए लेते थे। पूरा गैंग दिल्ली से ऑपरेट हो रहा था। इस मामले में उत्तरी दिल्ली के तिमारपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
हर रोज परीक्षा में बैठते थे 100 से 150 सॉल्वर -------
एसएससी की ऑनलाइन परीक्षा में यह गैंग अपने सॉल्वर बैठा रहा था। 100 से 150 सॉल्वर रोज बैठाए जा रहे थे। यह गैंग ऑनलाइन एप टीम व्यूअर की मदद से सॉल्वर से प्रश्नों को हल कराता था।
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दिल्ली में धरने पर बैठे थे छात्र
स्टाफ सिलेक्शन कमिशन (एसएससी) की 17 से लेकर 22 फरवरी तक आयोजित हुई सीजीएल की परीक्षा में प्रश्नपत्रों के लीक होने के मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर छात्रों ने दिल्ली में आंदोलन किया था। 27 फरवरी से कई दिनों तक दिल्ली में सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित एसएससी दफ्तर के बाहर बड़ी संख्या में छात्रों ने धरना दिया था।