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गाडी के पंजीकरण की फीस लेकर बाइक का दिया नंबर

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गाड़ी के पंजीकरण की फीस लेकर बाइक का दिया नंबर
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अपनी कारगुजारियों को लेकर लगातार चर्चा में रहने वाले नूंह जिला मुख्यालय के वाहन रजिस्ट्रेशन कार्यालय में एक बड़ा मामला सामने आया है। जिस पर फिलहाल हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। ताजा मामले में रजिस्ट्रेशन कार्यालय ने वाहन मालिक पर आनलाइन रिकार्ड के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया है। जिसके खिलाफ पीड़ित ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। न्यायालय ने हरियाणा सरकार को समन भेजकर मामले अगली तारीख तक जवाब मांगा है।
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जिले के सूंध गांव निवासी अयूब पुत्र नूर मोहम्मद ने एक बोलेरो गाड़ी वर्ष 2016 में खरीदी थी। गाड़ी का पंजीकरण कराने के लिए उसने नूंह पंजीकरण कार्यालय में मुबारिक नाम के व्यक्ति को डेढ़ लाख रुपये लेट फीस जमा कराने के लिए दिए। पंजीकरण कार्यालय से उसे एचआर-27 जी 7078 नंबर दिया गया। वर्ष 2017 में गाड़ी के रजिस्ट्रेशन पर लोन लेने के लिए आवेदन किया और पंजीकरण कार्यालय से एनओसी लेने पहुंचा। वहां कर्मचारी ने उसे बताया कि उसने गाड़ी के पंजीकरण के लिए फीस जमा नहीं कराई है। जिस पर उसने 150000 लाख रुपये फीस जमा कराने की बात कही। जिसके आधार पर उसे पंजीकरण सर्टिफिकेट दिया गया। कार्यालय कर्मचारी ने बताया कि फीस 150000 नहीं सिर्फ 1500 रुपये जमा कराई है और गाड़ी की बजाए बाइक की कीमत 40000 रुपये दिखाकर धांधलेबाजी से फीस काटी गई है। जिसकी रसीद भी उसकी फाइल में रखी हुई है। अयूब ने एसडीएम नूंह व सीएम विंडो में शिकायत लगाकर मामले की जांच कराने की मांग की। पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि समस्या का समाधान कराने की बजाए एसडीएम आफिस ने सारा दोष उस पर ही मढ़ दिया और आरोप लगाया कि उसने आनलाइन डाटा के साथ छेड़छाड़ की है। इस पर उसके खिलाफ नूंह थाने में 30 जनवरी को साजिश रचने, जालसाजी समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया। पीड़ित ने मामले को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पीड़ित पक्ष के वकील नफीस अहमद रूपडिया ने बताया कि हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और तब तक आखिरी फैसले पर रोक लगा दी है।
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