आज खुले में शौच से मुक्त
घोषित होगा नोएडा
प्राधिकरण की घोषणा के बाद राज्य और केंद्र सरकार की जांच के बाद होगी आधिकारिक घोषणा
- ओडीएफ के मानक पर खुद को तैयार कर चुका है प्राधिकरण
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। नोएडा को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) कराने के लिए नोएडा प्राधिकरण पूरी तरह तैयार है। मंगलवार को सेक्टर-6 स्थित इंदिरा गांधी कला केंद्र में सुबह 11 बजे इसकी घोषणा होगी। हालांकि इसके बाद राज्य और केंद्र सरकार की मुहर लगने के बाद ही इसे आधिकारिक तौर पर माना जाएगा। इसमें करीब दो माह लगेंगे।
दरअसल, शहर को खुले में शौच से मुक्त घोषित करने के लिए मानक पर खरा उतरना होता है। इसके बाद संबंधित एजेंसी शहर को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर सकती है। इसके बाद कई तरह की कार्यवाही होती है। इसके बाद ही आधिकारिक तौर पर शहर को ओडीएफ घोषित किया जाता है। इंदिरा गांधी कला केंद्र में ओडीएफ घोषणा के समय प्राधिकरण अधिकारियों के अलावा केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा और विधायक पंकज सिंह भी मौजूद रहेंगे। घोषणा के बाद प्राधिकरण की ओर से इस पर फीडबैक के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। इस राह में कुछ छूटा है तो इन 15 दिन में कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। कमियों को दूर करने के बाद रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी। वहां से केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजने के बाद एक टीम नोएडा आएगी और जांच करेगी। जांच के आधार पर रिपोर्ट तैयार होगी। इसे एक सर्टिफिकेट मिलेगा। इसके बाद इसे आधिकारिक तौर पर ओडीएफ घोषित किया जा सकेगा।
नोएडा प्राधिकरण ने यह की तैयारियां
शहर में 62 सार्वजनिक शौचालय, 45 सामुदायिक शौचालय, 27 व्यक्तिगत शौचालय तैयार कराए गए हैं। इनमें से 20 सार्वजनिक शौचालय पहले से बने थे। यहां 11 सुलभ शौचालय भी हैं। शौचालयों की देखभाल के लिए सफाईकर्मी, गार्ड आदि की तैनाती होगी। लोगों को जागरूक करने के लिए एनजीओ की टीम पहले से ही काम कर रही है।
गूगल लोकेटर पर चलेगा पता
सार्वजनिक शौचालयों की जानकारी गूगल लोकेटर पर भी मिलेगी। यही नहीं, इनकी रेटिंग भी पता चलेगी। सभी शौचालयों में वाटर मशीन लगी हुई है। यहां बोरिंग भी कराई गई है।
आगे चलकर जुर्माना भी लगेगा
सामुदायिक या सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग नहीं करने वालों को भविष्य में जुर्माने का भी सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, शहर के ओडीएफ घोषित होने के बाद खुले में शौच के लिए जाने वालों पर 100 रुपये से 500 रुपये तक जुर्माना किया जा सकता है। हालांकि अभी इसका अंतिम तौर पर फैसला नहीं हुआ है।