प्रिंस हत्याकांड : सीबीआई ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट पूरा करने के लिए मांगा दो माह का समय
गुरुग्राम। भोंडसी स्थित विद्यालय में हुए छात्र प्रिंस हत्याकांड मामले में मंगलवार को अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश जेएस कुंडु की विशेष बाल अदालत में सुनवाई हुई। कोर्ट ने 10 अप्रैल को सीबीआई को सप्लीमेंट्री चार्ज दायर करने को कहा था, लेकिन सीबीआई ने कहा कि उनकी जांच अभी चल रही है। चार्जशीट दायर करने के लिए दो माह का और समय चाहिए। इस पर कोर्ट ने मंजूरी दे दी। बता दें कि सीबीआई अभी इसमें स्कूल प्रबंधन की भूमिका और पूरे षड्यंत्र को लेकर जांच कर रही है।
बता दें कि 8 सितंबर को भोंडसी स्थित विद्यालय में दूसरी कक्षा के छात्र प्रिंस की हत्या हो गई थी। इस मामले में सीबीआई ने विद्यालय के 11वीं कक्षा के छात्र भोलू को हिरासत में लिया था। आरोपी के परिजनों द्वारा जेजे बोर्ड के फैसले को चुनौती देते हुए विशेष बाल अदालत में अपील दायर की थी। इस मामले में मंगलवार को जेएस कुंडु की अदालत में सुबह 9.30 बजे से सुनवाई शुरू हुई। आरोपी भोलू की ओर से वकील तनवीर अहमद मीर पेश हुए और अपना पक्ष रखा। मंगलवार को इस मामले में आरोपी स्कूल प्रबंधन के दो अधिकारियों को भी कोर्ट में पेश किया गया। 6 घंटे तक कोर्ट में दायर चार याचिकों में से तीन मुद्दे पर तनवीर अहमद मीर ने बहस पूरी की। इसमें सुबह के सत्र में अधिवक्ता मीर ने अदालत के समक्ष जुवेनाइनल जस्टिस बोर्ड के उस फैसले को चुनौती देते हुए कहा कि आरोपी भोलू को मनोचिकित्सक और प्रोटेक्शन ऑफिसर की रिपोर्ट के आधार पर वयस्क घोषित नहीं किया जा सकता। उन्होंने मनोचिकित्सक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि किसी के आईक्यू लेवल के औसत पाए जाने पर उसे वयस्क नहीं माना जा सकता।
अदालत के दूसरे सत्र में आरोपी भोलू के फिंगर प्रिंट लिए जाने को लेकर जोरदार बहस हुई। तीसरे याचिका में आरोपी भोलू को तीन दिन की सीबीआई रिमांड पर लिए जाने को लेकर की गई। हालांकि चौथे मामले में आरोपी भोलू के असली दस्तावेज को जांचकर्ता अधिकारी को दिए जाने के आदेश के खिलाफ दायर मामले को वापस ले लिया गया। मृतक प्रिंस के अधिवक्ता सुशील टेकरीवाल ने बताया कि सभी तीन मामलों में आरोपी भोलू पक्ष को पूरा मौका दिया गया। जिसमें कोर्ट की तरफ से 13 अप्रैल को मृतक प्रिंस और सीबीआई का पक्ष सुना जाएगा।
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