नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण से प्रभावित किसानों का मामला
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विस्थापितों को बसाने की योजना तैयार
- जिला प्रशास ने दयानतपुर और धनसिया गांव में चिह्नित की 20-20 हेक्टेयर जमीन
- एयरपोर्ट से करीब 1 से 1.5 किमी की दूरी पर दोनों गांव, जन सुविधाओं का भी होगा निर्माण
मनोज कुमार शर्मा
जेवर। नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण में विस्थापित होने वाले छह गांवों के किसानों के लिए प्रशासन ने योजना तैयार कर ली है। शनिवार को जमीन का मौका-मुआयना और निरीक्षण किया गया। प्रशासन ने विस्थापन के लिए दो गांवों में 20-20 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की है।
एयरपोर्ट विस्थापन प्रशासक व जेवर उपजिलाधिकारी प्रसून कुमार द्विवेदी ने बताया कि सभी छह गांव के विस्थापन के लिए एक सप्ताह में योजना तैयार करने के लिए कहा गया था। जिसके बाद दयानतपुर खेड़ा, नगला जहानु, नगला शरीफ खां के विस्थापन के लिए रामपुर की सीमा से लगी दयानतपुर की 20 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है। वहीं, रोही किशोरपुर व रोही के माजरा नगला फूल खां व नगला गनेशी के विस्थापन के लिए खुर्जा जेवर मार्ग पर धनसिया गांव के समीप 20 हेक्टेयर जमीन को चिह्नित किया गया है। विस्थापन के लिए दोनों ही जगह एयरपोर्ट से मात्र एक से डेढ़ किलोमीटर के दायरे में होंगे। विस्थापित किसानों की मांग को देखते हुए एयरपोर्ट के पास ही दोनों जगहों पर किसानों को विस्थापित कराने के लिए योजना तैयार की गई है।
10 हेक्टेयर में आबादी 10 हेक्टेयर में जनसुविधाओं का विकास
डिप्टी कलेक्टर अभय कुमार सिंह ने बताया कि दोनों जगह बसाए जाने वाले गांवों की आबादी का क्षेत्रफल सर्वे के मुुताबिक लगभग 10-10 हेक्टेयर है। लेकिन विस्थापन के लिए 20-20 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी जिससे 10 हेक्टेयर में आबादी और 10 हेक्टेयर में स्कूल, अस्पताल, पार्क, सड़कों के अलावा धार्मिक स्थलों का निर्माण कराया जाएगा।
किसानों से सीधे बैनामे के आधार पर ली जाएगी जमीन
दयानतपुर और धनसिया गांव में चिह्नित 40 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण में समय की बचत करने के लिए प्रशासन जल्द ही शासन को किसानों से सीधे बैनामे के आधार पर जमीन लेने के लिए प्रस्ताव भी भेजेगा। माना जा रहा है कि इससे जल्द से जल्द विस्थापन के लिए जमीन खरीदते हुए विस्थापन का काम शुरु कराया जा सकेगा।