हरियाणा के लिए महत्वपूर्ण
आप ने सांसद सुशील गुप्ता को दी हरियाणा की जिम्मेदारी
लोकसभा स्तर से बाजार स्तर पर व्यापारिक संगठनों को सक्रिय करने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हरियाणा विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटी आम आदमी पार्टी ने प्रदेश की सियासत में अपने मोहरे बैठाने शुरू दिए हैं। पहली बड़ी जिम्मेदारी आप के राज्यसभा सांसद डॉ. सुशील गुप्ता को पार्टी ने दी है। उन्हें अपनी टीम खड़ी करने के साथ लोकसभा से लेकर विधानसभा, जिला, मंडी व मार्केट स्तर पर व्यापारी संगठनों को सक्रिय करना होगा। जरूरत के हिसाब से वह इसमें फेरबदल भी कर सकते हैं। सुशील गुप्ता को प्रदेश में आप के व्यापारिक संगठनों को एक सूत्र में जोड़ना है। इसके अलावा व्यापारियों के स्थानीय मुद्दों के सहारे सड़क के संघर्ष को भी तेज करना है। खास तौर पर हरियाणा सरकार की ई-मंडी योजना लांच करने से कारोबारियों को हो रही परेशानियों पर जोर-शोर से बात करना है। पार्टी ने सांसद को खास नसीहत दी है कि वह हर समस्या के व्यवहारिक समाधान के साथ व्यापारियों के बीच जाएं। साथ ही दिल्ली सरकार का मॉडल भी उनके सामने पेश किया जाए। पार्टी का मानना है कि इससे अभियान को धार दिया जा सकता है।
आप की रणनीति : सुशील का मजबूत सामाजिक नेटवर्क होगा मददगार
पार्टी के अंदरूनी विरोध के बावजूद समाजसेवी सुशील गुप्ता को राज्यसभा भेजने के पीछे आप की रणनीति थी कि इनके सहारे हरियाणा में आप के जनाधार मजबूत किया जा सकता है। पार्टी का मानना था कि सुशील गुप्ता का हरियाणा में मजबूत सामाजिक नेटवर्क है। हरियाणा के करीब 14 जिलों में उनकी शैक्षिक संस्थाएं हैं। वहीं, हेल्थ सेक्टर में इनकी मजबूत दखल है। इसके अलावा पार्टी का मानना था कि हरियाणा के करीब 15 फीसदी वैश्य मतदाताओं को आप से जोड़ने में भी सुशील गुप्ता का चेहरा मददगार हो सकता है।
हरियाणा के कारोबारियों में घर कर गया डर : गुप्ता
सुशील गुप्ता का दावा है कि हरियाणा की भाजपा सरकार में छोटे से लेकर बड़ा कारोबारी तक डरा हुआ है। सरकारी विभागों से लेकर पुलिस तक सब व्यापारियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। दूसरी तरफ दिल्ली सरकार ने राजधानी में रेड राज को खत्म कर दिया है। भयमुक्त माहौल में काम करने से सरकार को राजस्व भी बढ़ा है। दोनों राज्यों की तुलना करने पर व्यापारी आसानी से समझ जाता है कि उसका हित किस पार्टी के साथ जाने में है।