विधान सभा के रजत जयंती समारोह पर सियासत तेज
- आप ने कांग्रेस व भाजपा के बहिष्कार को बताया दिल्ली की जनता का अपमान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में शनिवार को होने वाले रजत जयंती समारोह को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस व भाजपा के कार्यक्रम बहिष्कार की घोषणा को आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली का अपमान बताया है। पार्टी का कहना है कि दिल्ली विधान सभा कई महान लोगों के संघर्ष से खड़ी है। लोकतंत्र के इस मजबूत स्तंभ पर सियासत न करने की अपील आप ने विपक्षी दलों से की है।
आप विधायक व पार्टी प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज का कहना है कि अमूमन इस तरह के कार्यक्रमों में राष्ट्रपति को बुलाया जाता है। विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें बुलाने की कोशिश भी की, लेकिन उन्हें मिलने का समय नहीं दिया गया। फिर, दिल्ली के पहले मेट्रोपॉलिटन काउंसिल और पूर्व उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी को विधान सभा अध्यक्ष ने सम्मानपूर्वक न्यौता दिया गया। इसके अलावा दिल्ली के पूर्व नेता व विधानसभा के कई बार सदस्य रह चुके जगदीश मुखी को न्यौता दिया गया। दोनों ने न्यौता स्वीकार भी कर लिया। कार्ड में नाम भी छप गया। लेकिन आखिरी वक्त पर दोनों ने आने से मना कर दिया।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि विधान सभा का रजत जयंती समारोह दिल्ली के लिये गर्व की बात है। लेकिन विपक्षी दल इस मामले में भी राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे है। उन्होंने आरोप लगाया भाजपा व कांग्रेस के दिल्ली विधानसभा की शक्तियां खत्म करना चाहते है।