हेडिंग: यीडा के 13 संस्थागत आवंटियों को नोटिस
एक माह में बकाया जमा न करने पर आवंटन रद्द करने की चेतावनी
कम रेट पर आवंटन से 648 करोड़ रुपये का हुआ है नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण (यीडा) में 13 संस्थागत भूखंडों को कम दर पर आवंटन की जांच कर रही कमेटी ने उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर जांच कराने की सिफारिश की है। इन भूखंडों का आवंटन कम रेट पर हुआ है। अअब प्राधिकरण ने इन आवंटियों से वसूली के लिए नोटिस भेजकर एक महीने में बकाया रकम जमा करने को कहा है। इस अवधि के बीतने पर आवंटन निरस्त करने की भी चेतावनी दी है।
दरअसल, यमुना प्राधिकरण ने 2010 में संस्थागत भूखंडों की योजना सेक्टर-17ए में निकाली। इसमें 13 आवंटियों को जमीन आवंटित की गई। ये भूखंड 25 एकड़ से लेकर 250 एकड़ तक हैं। शिकायत के बाद प्राधिकरण ने इसकी जांच कराई तो इसमें कई खामियां मिलीं। भूखंड 1564 रुपये प्रति वर्ग मीटर की रेट से आवंटित किए गए थे। इसमें कुछ प्रतिशत व्यावसायिक व रिहायशी की भी छूट दी गई थी, जबकि पैसा संस्थागत का लिया गया था। मिक्स लैंड यूज का रेट 2200 रुपये से अधिक था। इससे प्राधिकरण को करीब 648 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ। इसकी रिकवरी के लिए प्राधिकरण ने सभी को नोटिस भेज दिए। इसमें एक आवंटी अदालत चला गया। कोर्ट ने इस मसले पर शासन के पास जाने को कहा। शासन के निर्देश पर यीडा के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने इसकी जांच के लिए कमेटी बना दी। यीडा के जीएम वित्त को इसकी जांच करने के लिए कहा। जीएम ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आवंटन में कई बड़े अफसरों के नाम हैं इसलिए इसकी जांच उच्च अधिकारियों की कमेटी बनाकर कराई जाए। हालांकि, अभी तक सीईओ ने उच्च कमेटी बनाने का निर्णय नहीं लिया है, लेकिन आवंटियों को नोटिस भेजकर पैसा जमा कराने के लिए कहा है। एक माह में पैसा जमा न करने पर आवंटन निरस्त करने की चेतावनी दी गई है। प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह ने कहा है कि आवंटियों से पैसा जमा करने के लिए नोटिस भेजा गया है।