थोक कूड़ा उत्पादकों पर निगम कसेगा शिकंजा
- कूड़े के 300 थोक उत्पादक (बल्क वेस्ट जेनरेटर) को नोटिस भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदूषण पर शिकंजा कसने के लिए उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने एक और पहल की है। इसके तहत थोक कूड़ा उत्पादन करने वाली इकाईयों पर सख्ती की जा रही है। पिछले महीनों के दौरान ऐसी इकाईयों की पहचान कर नियमों की अनदेखी करने वाले कूड़े के 300 थोक उत्पादक (बल्क वेस्ट जेनरेटर) को नोटिस भेजा गया है। बार-बार अनदेखी होने पर उत्पादकों को नोटिस के साथ-साथ जुर्माना भी किया जाएगा। इसके तहत 100 किलोग्राम से अधिक कूड़ा पैदा करने वाले थोक उत्पादकों को शामिल किया गया है। इनमें अधिकतर रेस्तरां, बैंक्वेट हॉल और गेस्ट हाउस शामिल हैं। अभी निगम क्षेत्र के दायरे में ऐसे 350 से अधिक बल्क जनरेटर हैं। सफाई व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए निगम की ओर से प्रावधान किया गया है। इसके तहत जैविक कचरे का निष्पादन अंदर ही करना अनिवार्य है और बाहर केवल सूखा कचरा ही फेंक सकते हैं। निगम की योजना दिसंबर, 2019 तक ऐसे सभी थोक उत्पादकों के लिए जैविक कूड़े के निपटान की सुविधा को अनिवार्य कर दिया गया है। मार्च, 2019 तक 50 फीसदी उत्पादकों के पास यह सुविधा होगी। निगम की कोशिश है कि क्षेत्र को प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ बनाए रखा जाए, इसके लिए बल्क जनरेटर को कवर किया जा रहा है।