हाईकोर्ट ने उपहार सिनेमा अग्निकांड के साक्ष्यों से छेड़छाड़ के केस की सुनवाई 15 जुलाई 2019 तक पूरी करने का निर्देश जिला अदालत को दिया है। हाईकोर्ट ने इससे पहले 30 नवंबर तक सुनवाई पूरी करने का निर्देश जिला अदालत को दिया था। यह मामला 2007 से निचली अदालत में चल रहा था। केस की एफआईआर 2006 में नीलम कृष्णामूर्ति की शिकायत पर दर्ज की गई थी।
जस्टिस अनु मल्होत्रा ने उपहार हादसा पीड़ित नीलम कृष्णामूर्ति की याचिका पर सुनवाई करते हुए केस की सुनवाई पूरी करने और हर सप्ताह तीन तारीखें कम से कम लगाने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने जिला अदालत को इस मामले में 18 फरवरी 2019 को प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट ने यह निर्देश एसोसिएशन ऑफ विक्टिम ऑफ उपहार फायर ट्रेजेडी (अवूत) की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने यह निर्देश पटियाला हाउस कोर्ट के सीएमएम की स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर दिया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कोर्ट में अधिक केस होने के कारण केस की सुनवाई धीमी गति से चल रही है। सीएमएम की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस केस में 49 गवाह हैं, जिनमें से 37 गवाहों के बयान दर्ज होना बाकी है।
पेश याचिका दायर कर कृष्णमूर्ति ने कहा यह केस करीब दस साल पुराना है। पुलिस ने फरवरी 2007 में पहली चार्जशीट व उसके दो कई पूरक आरोप पत्र दाखिल किए थे। निचली अदालत ने आरोप तय किए थे, लेकिन इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट के आदेश पर 31 मई 2014 को आरोप तय किए गए थे।