दिल्ली के सभी शेल्टर होम का होगा सोशल ऑडिट
- उपमुख्यमंत्री के निर्देश पर दिल्ली महिला आयोग टीआईएसएस की ले रही सेवा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में महिलाओं और लड़कियों के सभी शेल्टर होम का सोशल ऑडिट किया जाएगा। इसके लिए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली महिला को निर्देश पर आयोग ने इस काम के लिए कोशिश नाम की एजेंसी की सेवा ली हैं। यह मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (टीआईएसएस) का फील्ड प्रोजेक्ट है। बिहार के मुज्जफरपुर स्थित शेल्टर होम में व्याप्त गड़बड़ियों को उजागर करने में कोशिश की बड़ी भूमिका रही है।
आयोग के अनुसार, कोशिश की टीम दिल्ली के सभी शेल्टर होम में जाकर संसाधनों, सुविधाओं, स्टाफ की संख्या, स्टाफ का व्यवहार, स्टाफ को दी गई ट्रेनिंग, वहां रहने वाले लोगों के पुनर्वास के लिए उठाए गए कदमों का ऑडिट कर रही है। इसके लिए आयोग और कोशिश के बीच एक सहमति हुई। सहमति के अनुसार ऑडिट केदौरान जब कभी किसी होम में कोई गड़बड़ी मिलेगी तो इसकी सूचना आयोग को दी जाएगी।
बृहस्पतिवार को उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में टीआईएसएस की टीम और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की एक बैठक हुई। बैठक में आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल और महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव रश्मि कृष्णन व कोशिश के निदेशक मो.तारिक व कई शेल्टर होम के प्रमुख मौजूद थे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शेल्टर होम की हालत सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए बाहरी एजेंसी की सेवाएं ली गई हैं, जो कि सरकार को वास्तविक रिपोर्ट देगी। आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि सितंबर में पॉयलट प्रोजेक्ट के रुप में शेेल्टर होम का ऑडिट शुरु किया गया था। अब इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंपी जा रही है।