बाबरी विध्वंस की वर्षगांठ पर निकाला भगवा मार्च
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बाबरी विध्वंस की 26वीं वर्षगांठ पर शुक्रवार को यूनाइटेड हिंदू फ्रंट ने भगवा मार्च निकाला। वहीं राजधानी में कई इलाकों में इसे लेकर प्रदर्शन और विजय दिवस मनाया गया। नई दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर दिन भर इस तरह के कार्यक्रम देखने को मिले। हालांकि लगभग सभी कार्यक्रमों में मौजूद लोगों की एक ही मांग थी कि राम मंदिर का जल्द से जल्द निर्माण। इन लोगों का कहना था कि केंद्र सरकार को शीत सत्र में मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाना चाहिए और अयोध्या में मंदिर का निर्माण कराना चाहिए।
मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश की मांग
जंतर-मंतर पर आयोजित भगवा मार्च में फ्रंट के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जय भगवान गोयल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। इस दौरान शीत सत्र में राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने की मांग की गई। गोयल ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम विगत करीब 500 वर्षों से अपने धाम से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर, 1992 को बाबरी विध्वंस के बाद साल 2014 में पीएम मोदी की सरकार बनने के बाद मंदिर निर्माण की उम्मीद जगी थी। उन्होंने कहा कि श्रीराम का मंदिर निर्माण देश के 100 करोड़ हिंदुओं की आस्था का ही नहीं, बल्कि पूरे भारतवर्ष की प्रतिष्ठा का भी सवाल है।
जामा मस्जिद पर काला दिवस मनाया
पुरानी दिल्ली के जामा मस्जिद पर बाबरी विध्वंस को लेकर काला दिवस मनाया गया। लोगों ने हाथों में पोस्टर लेकर नारेबाजी भी की। इनका कहना था कि एक पर हमला, सब पर हमला। इस दौरान बाबरी विध्वंस को लेकर चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई थी, जिसमें अयोध्या के विध्वंस के दौरान की तस्वीरें थीं।
दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग
डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया की ओर से जंतर-मंतर पर आयोजित कार्यक्रम में बाबरी विध्वंस के दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की। उन्होंने विध्वंस को संविधान पर बड़ा हमला बताया। ठीक इसी तरह जंतर-मंतर पर एक अन्य कार्यक्रम में कई संगठनों ने मिलकर बाबरी विध्वंस को लेकर दोषियों को सजा दिलाने की मांग की।