यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए यीडा ने अच्छी पहल की है। एक्सप्रेसवे पर चढ़ते ही वाहन चालकों का चिकित्सा बीमा हो जाएगा। सफर के दौरान अगर सड़क हादसा हो जाता है तो वाहन चालक के इलाज का खर्च नहीं लगेगा, बल्कि इंश्योरेंस कंपनी वहन करेगी। इसके एवज में वाहन चालक को टोल के साथ सिर्फ दो-चार रुपये ही देने होंगे। इस मसले पर यीडा की इंश्योरेंस कंपनियों से बातचीत चल रही है और बहुत जल्द यह सुविधा मिल सकती है।
दरअसल, यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2012 में 29.51 लाख वाहन साल भर में गुजरे थे। 2016 में बढ़कर 1.85 करोड़ और 2017 में दो करोड़ से अधिक वाहन गुजरे हैं। इस साल यह संख्या और भी बढ़ सकती है। 2012 में इसके शुरू होने के बाद से अब तक पांच हजार से अधिक हादसे हुए हैं। इसकी बड़ी वजह ओवर स्पीड है। 2012 में 3.87 लाख वाहन ने गति सीमा को तोड़ी थी, जो 2017 में बढ़कर 24.45 लाख पर पहुंच गई।
प्राधिकरण के मुताबिक, कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है कि हादसा ग्रस्त व्यक्ति के पास निजी अस्पताल में इलाज के लिए पैसे नहीं होते। उनके पास कोई मेडिकल कार्ड भी नहीं होता। इससे उन्हें इलाज में परेशानी हो जाती है। अगर किसी के साथ हादसा होता है तो उसे अच्छे निजी अस्पताल में इलाज कराने में परेशानी न हो, इसे देखते हुए बीमा कराने का फैसला लिया गया है।
टोल कंपनियों से बातचीत चल रही है। ग्रेटर नोएडा या आगरा की तरफ से चढ़ते ही जैसे टोल शुल्क देगा उस पर दो-चार रुपये अतिरिक्त शुल्क ले लिया जाएगा। उसके बाद उसका चिकित्सा बीमा का लाभ मिल सकेगा।