हेड : मतदाता सूची में वैश्य समुदाय के वोट नहीं कटे : भाजपा
सबहेड : आप के आरोपों को बताया झूठा, कहा - तीन वर्ष में 13.70 लाख से भी ज्यादा नए नाम जोड़े गए
प्वाइंटर
70 विधानसभा की मतदाता सूचियां पेश कीं, आयोग को ज्ञापन सौंपकर आप पर कार्रवाई की मांग
लोकसभा चुनाव के संभावित हार के चलते धर्म और जाति की राजनीति करने का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा ने राजधानी में वैश्य समुदाय के 30 लाख वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाने संबंधी आम आदमी पार्टी के आरोप को झूठ का पुलिंदा करार दिया। पार्टी का कहना है कि पिछले तीन वर्ष में 13.70 लाख से भी ज्यादा नए नाम मतदाता सूची में जोड़े गए हैं। इनमें 5 लाख वोट मात्र वैश्य समुदाय के हैं। भाजपा विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग को मतदाता सूची सहित ज्ञापन भी सौंपा। जनता को गुमराह करने पर आप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि आप संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग पर झूठे आरोप लगाकर सभी प्रकार की मर्यादा का हनन कर रही है।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन पार्टी नेताओं ने वोट काटने की राजनीति पर आप पर जमकर प्रहार किया। नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सभी 70 विधानसभा की मतदाता सूचियां पेश की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 से 2018 के दौरान कुल 13,73,300 नए मतदाता बने हैं। इनमें से पांच लाख वैश्य समुदाय के हैं। उन्होंने कहा कि आप ने लोकसभा चुनावों में संभावित हार का ठीकरा केंद्र सरकार व चुनाव आयोग पर फोड़ने के लिए जाति व धर्म आधारित राजनीति करनी शुरू कर दी है। इस मौके पर विधायक मनजिंद्र सिंह सिरसा, ओम प्रकाश व जगदीश प्रधान, मीडिया प्रभारी नीलकांत बक्शी व आशोक गोयल आदि मौजूद रहे।
चुनाव विभाग के मंत्री पर क्यों नहीं की कार्रवाई
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि कुछ मतदाताओं की मृत्यु, नए पते पर जाने इत्यादि कारणों से मतदाता सूची का नाम हटाया जाता है, जो एक प्रक्रिया है। उन्होंने सवाल किया कि यदि मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं तो चुनाव विभाग के मंत्री इमरान हुसैन ने क्यों नहीं कार्रवाई की। मुख्यमंत्री को अपने मंत्री और अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
विधानसभा के विशेष सत्र में क्यों नहीं उठाया सवाल
गुप्ता ने कहा कि आम आदमी पार्टी दोहरा मापदंड अपना रही है। एक तरफ तो झूठे आरोप लगा रही है, दूसरी तरफ चुनाव आयोग की ओर से आयोजित सभी पार्टियों के सदस्यों की बैठक में इस मुद्दे पर कोई आवाज नहीं उठाती। उन्होंने कहा कि विधानसभा के विशेष सत्र में आप के किसी भी विधायक ने इस मुद्दे पर सवाल नहीं उठाया। इससे स्पष्ट है कि चुनावों में राजनीतिक फायदा उठाने के लिए आप धर्म व जाति आधारित राजनीति कर रही है।